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Mandi News: भुंतर मंडी में 200 रुपये किलो बिका बल्ह-सुंदरनगर का प्लम

Sat, 09 May 2026 05:28 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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सुंदरनगर के शिवा प्रोजेक्ट के क्लस्टर के प्लम। स्त्रोत: विभाग
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एचपी शिवा परियोजना से बदली बागवानों की तकदीर, इस सीजन 10 मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान
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ड्रिप सिंचाई, सोलर फेंसिंग और मार्केट लिंकेज से किसानों को मिल रहा सीधा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग की एचपी शिवा परियोजना निचले और मध्य क्षेत्रों में बागवानी के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रही है। जिला मंडी के बल्ह और सुंदरनगर ब्लॉक के बागवानों ने इस सीजन में प्लम की बंपर पैदावार और रिकॉर्ड कीमतों के साथ सफलता की नई मिसाल कायम की है।
मंगलवार को जब इन क्षेत्रों का प्लम कुल्लू की भुंतर सब्जी मंडी पहुंचा तो उसकी गुणवत्ता देखकर खरीदार भी प्रभावित हुए। मंडी में प्लम 165 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति किलो तक के रिकॉर्ड भाव में बिका। इससे बागवानों में उत्साह का माहौल है।
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एसएमएस बागवानी सुंदरनगर एवं जिला समन्वयक एचपी शिवा परियोजना डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2021-22 में बल्ह के बृखमणी और सुंदरनगर के खागराओं में क्लस्टर स्थापित किए गए थे। इन क्षेत्रों में उपोष्णकटिबंधीय बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली प्लम किस्मों के पौधे लगाए गए।
परियोजना के तहत बागवानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एनिमल प्रूफ कंपोजिट सोलर फेंसिंग से बगीचों को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिल रही है, जबकि ड्रिप इरिगेशन प्रणाली के माध्यम से पानी का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सिंचाई सुविधा के लिए बृखमणी में दो लाख लीटर और खागराओं में साढ़े तीन लाख लीटर क्षमता के टैंक बनाए गए हैं।
विभाग ने किसानों को फल तुड़ाई, छंटाई और ग्रेडिंग का विशेष प्रशिक्षण भी दिया है। साथ ही मार्केट लिंकेज के जरिए किसानों को सीधे मंडियों से जोड़ा गया, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई और किसानों को बेहतर दाम मिलने लगे।
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कोट
इस सीजन में दोनों क्लस्टरों से करीब 10 मीट्रिक टन प्लम उत्पादन होने का अनुमान है। एचपी शिवा परियोजना के तहत मंडी जिला के बल्ह और सुंदरनगर ब्लॉक में लगभग 135 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करते हुए 12 क्लस्टर स्थापित किए गए हैं। इन क्लस्टरों में प्लम के अलावा जापानी फल, लीची, अमरूद और संतरे की उच्च गुणवत्ता वाली किस्में भी लगाई गई हैं। प्लम की सफलता के बाद अब आने वाले महीनों में इन बगीचों से अमरूद और संतरे की बेहतरीन खेप भी बाजार में पहुंचने की उम्मीद है।- डॉ. संजय गुप्ता, उपनिदेशक, बागवानी विभाग, मंडी
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