फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi News: बाबा भूतनाथ की निकली जलेब, पड्डल में उमड़े श्रद्धालु

विज्ञापन
छोटी कांशी मंडी में निकली बाबा भूतनाथ की दूसरी जलेब में ढोल व बाजे बजाकर भाग लेते श्रद्धालु। सं
विज्ञापन
मंडी। शहर में मंगलवार को बाबा भूतनाथ की जलेब धूमधाम से निकली। संत महात्माओं समेत स्थानीय लोगों और देवी-देवताओं ने भी जलेब में भाग लिया। जलेब विक्टोरिया पुल से समखेतर बाजार, चौहाटा और इंदिरा मार्केट का चक्कर काटकर फिर उसी मार्ग से वापस विक्टोरिया पुल पहुंची। जलेब में बाबा भूतनाथ की ध्वजा के साथ श्रद्धालुओं ने शिरकत की। उधर, पड्डल में सैकड़ों देवी-देवताओं के दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।
विज्ञापन

जलेब में देव खाड्डू कासन स्नोर, देव पराशर ऋषि के द्वारपाल, देव गडोहणी, राज माता रिमझी महामाया भडयाल, उग्रतारा नैणा रिवालसर ने शिरकत की। जलेब बैंड बाजे और देव वाद्ययंत्राें के साथ निकली। हर हर महादेव, जय बाबा भूतनाथ के जयघोष से शहर गूंज उठा। जलेब पर स्थानीय लोगों ने रंग-बिरंगे फूलों की बारिश की।
जलेब की एक झलक पाने के लिए लोग अपने-अपने घरों के बाहर सड़क पर जमा हो गए। महंत देवानंद सरस्वती ने बताया कि जलेब में बाबा भूतनाथ की छड़ शहर की परिक्रमा कर मंडी वासियों के लिए सुख शांति और सुरक्षा का सूत्र बांधा जाता है। विक्टोरिया पुल के समीप जलेब संपन्न हुई। यहां सभी के लिए खिचड़ी का भंडारा लगाया गया।
विज्ञापन

....
आज सजेगी चौहटा की जातर
पड्डल मैदान में छह दिन तक लगातार एक साथ दर्शन देने वाले सैकड़ों देवी-देवता अब अगले साल ही एक साथ दिखेंगे। बुधवार को सभी देवी-देवता चौहटा मैदान में विराजमान होंगे। अंतिम दिन सभी देवी-देवता चौहटा बाजार आएंगे। इसे चौहटा की जातर कहा जाता है। इस जातर में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य देवी-देवताओं का आशीर्वाद लेंगे। मंगलवार को पड्डल में सैकड़ों देवी-देवताओं ने भक्तों को एक साथ दर्शन दिए और उनके दुखों का निवारण किया। इस दौरान चौहारघाटी, सराज, द्रंग, पंडोह, मंडी और कुल्लू जिले से आए देवी-देवताओं के शिविरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
...

देव आदि ब्रह्मा शहर को देंगे सुरक्षा कवच
अंतरराष्ट्रीय महोत्सव के अंतिम दिन द्रंग के उतरशाल से आए देव आदि ब्रह्मा मंडी शहर की परिक्रमा कर सुरक्षा कार बांधेंगे। देव आदि ब्रह्मा शहर की सुरक्षा का वादा कर शहरवासियों को आशीर्वाद के साथ सभी तरह की बीमारियों और आसुरी शक्तियों से उनकी रक्षा करने का वादा करेंगे। यह एक पौराणिक और प्राचीन परंपरा है। इसका हर वर्ष निर्वहन किया जाता है।
विज्ञापन

000
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें