गोहर (मंडी)। मंडी जिले में सेब खरीद के लिए एचपीएमसी ने भी द्वार खोल दिए हैं। एचपीएमसी ने बागवानों का सेब खरीदने के लिए 12 खरीद केंद्र खोले हैं। एक अगस्त से बागवानों का सेब एचपीएमसी के खरीद केंद्रों में पहुंचना शुरू हो गया है। सरकार ने इस बार भी सेब का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया है। जिसके कारण बागवानों में आक्रोश है। 6 रुपये 50 पैसे प्रति किलो के हिसाब से एचपीएमसी बागवानों का सेब खरीद रहा है।
जिला मंडी में बगस्याड़, चिउणी, निहरी, चरखड़ी, चिंडी, सेरी, महासुधार, छतरी, नगवाईं, थाची, चैलचौक और जरोल केंद्र सेब खरीद करने के लिए खोल दिए हैं। एचपीएमसी के जीएम सुरेंद्र चौहान ने खरीद केंद्र खुलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मंडी जिले में कुछ खरीद केंद्र 15 अगस्त से काम करना शुरू करेंगे। एचपीएमसी हर वर्ष एक अगस्त से सेब बागवानों का सेब खरीदने के लिए अपने सेब एकत्रीकरण केंद्रों को खोलता है। चिंढी केंद्र में अब तक करीब चार सौ बोरी सेब की पहुंच हुई है।
मगर बागवानों में गत वर्ष की भांति इस बार भी 6 रुपये 50 पैसे प्रति किलो सेब का समर्थन मूल्य मिलने से सरकार के प्रति आक्रोश है। बागवानों सुरेश शर्मा, रामलाल, हेम सिंह, दीनानाथ, ठाकर दास, चंद्रमणी, दीवान चंद, देवीराम, महेंद्र सिंह, देवेंद्र कुमार और राजेश कुमार ने बताया कि सरकार के उपक्रम एचपीएमसी ने सेब विक्रय का काम शुरू कर दिया है। इन बागवानों ने बताया कि सरकार ने इस बार भी सेब पर पिछले साल का समर्थन मूल्य लागू किया है। जिससे बागवानों में आक्रोश है। सराज सेब उत्पादक संघ के प्रधान चतर सिंह ठाकुर ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार सेब पर समर्थन मूल्य नहीं बढ़ा रही है। जिससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एचपीएमसी के महाप्रबंधक सुरेंद्र चौहान ने बताया कि सेब पर समर्थन मूल्य सरकार ही तय करती है।