थुनाग (मंडी)। लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कें सराज क्षेत्र में लाइफ को जोखिम में डाल रही हैं। थुनाग-केल्टी-जैंशला को जोड़ने वाली 15 किलोमीटर सड़क आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई है। इस कारण सोबली गांव की वृद्ध महिला गणू देवी (77) को अचानक बीमार होने पर अस्पताल पहुंचाना कठिन हो गया।
रविवार को वृद्ध महिला की तबीयत खराब हो गई। इस पर ग्रामीणों रूप सिंह, प्रेम कुमार, गोपाल सिंह, केशव राम, तेज सिंह आदि ने कुर्सी से पालकी बनाई और महिला को उसमें बैठा कर थनूटा सड़क तक पहुंचाया। करीब तीन घंटे की कठिन चढ़ाई चढ़ी, खतरनाक रास्तों से महिला को सड़क तक पहुंचाया। उसके बाद उसे सिविल अस्पताल जंजैहली ले जाया गया।
गणू देवी के बेटे रूप सिंह ने बताया कि आपदा के बाद से प्रशासन ने उनकी कोई सुध नहीं ली। दोघरी, केल्टी, जैंशला, सोबली, हेलन, छड़ी खड्ड, लेह नकटेरा जैसे एक दर्जन गांवों के लोग सड़क की मरम्मत न होने से भारी परेशानी झेल रहे हैं। मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। गणू देवी की जान तो बच गई, लेकिन सवाल यह है कि कब तक ग्रामीण ऐसे जोखिम उठाते रहेंगे।
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सड़क को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग का फील्ड स्टाफ सड़कों की दशा सुधारने के लिए रात दिन जुटा हुआ है।
-ललित जरयाल, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी, जंजैहली मंडल
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