मंडी। सुंदरनगर से जांच के लिए लिए गए 14 खाद्य सैंपलों में से तीन मानकों पर खरे नहीं उतरे। मलाई बर्फी और काजू कतली में एल्युमिनियम पाए जाने के कारण दोनों को अनसेफ घोषित किया गया है। वहीं, पनीर के सैंपल में मिल्क फैट निर्धारित मानक से कम मिला है। इसे सब स्टैंडर्ड श्रेणी में रखा गया है। यह खुलासा खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से करवाई गई लैब की जांच रिपोर्ट में हुआ है।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने बीते अगस्त में सुंदरनगर क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए अलग-अलग प्रतिष्ठानों से सैंपल लिए थे। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट आने के बाद तीन सैंपल फेल पाए गए। दो मिठाइयों में एल्युमिनियम की मौजूदगी सामने आने के बाद इन्हें सुरक्षित खाने योग्य मानकों पर खरा नहीं पाया गया। चांदी महंगी होने के बाद मिठाई में इस्तेमाल होने वाली वर्क में एल्युमिनियम पाई गई है। वहीं, पनीर के सैंपल में दूध की वसा यानी मिल्क फैट की मात्रा कम पाई गई। इसके चलते पनीर को सब स्टैंडर्ड घोषित किया गया। यानी उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करता था।
सैंपल फेल होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा। विभाग अब कारोबारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगा। इसके बाद अनसेफ सैंपलों से संबंधित मामलों को अदालत में नियमानुसार पेश किया जाएगा।
12 सैंपल और भरे
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने सुंदरनगर क्षेत्र में जांच अभियान के दौरान 12 और खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें पनीर, रस का एक-एक, बिस्कुट के दो और आठ अलग-अलग प्रकार के अचार के सैंपल शामिल हैं। विभाग ने सभी सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इनकी गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी है। खाद्य उत्पाद खरीदती बार पैकेट में जरूरी चीजें जरूर जांचे। लोग किसी भी तरह की शंका या शिकायत होने पर विभाग से संपर्क करें।
-एलडी ठाकुर, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग मंडी