दुर्घटना में ढाई लाख का नुकसान, कंपनी ने क्लेम से किया इनकार
वाहन मालिक ने न्यायालय में दायर की मुआवजे की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर निवासी टैक्सी ऑपरेटर जितेंद्र कुमार ने बीमा क्लेम के नाम पर कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी कार टैक्सी परमिट पर पंजीकृत है। वाहन की पॉलिसी शोरूम के माध्यम से एक बीमा कंपनी से करवाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि अब दुर्घटना में क्षतिग्र्रस्त टैक्सी का बीमा क्लेम कंपनी नहीं दे रही है।
जितेंद्र कुमार ने बताया कि टैक्सी को 28 नवंबर को एमवीआई से पास करवाया गया और 5 दिसंबर को आरटीओ ने नंबर जारी किया। इसी दिन कंपनी शोरूम में नंबर प्लेट के लिए भी आवेदन किया गया था। उन्होंने बताया कि 8 दिसंबर को वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें लगभग ढाई लाख रुपये का नुकसान हुआ। इस नुकसान का एस्टीमेट बीमा कंपनी के सर्वेयर मुकुल चौहान ने तैयार किया गया। इसके बावजूद बीमा प्रीमियम जमा होने और सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद भी कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया।
जितेंद्र ने बताया कि अब न्याय पाने के लिए न्यायालय का रुख किया है। वकील के माध्यम से न्यायालय में मुआवजे की अपील दायर कर दी है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि मामले की जांच करवाई जाए और संबंधित बीमा कंपनी का लाइसेंस रद्द किया जाए।
वहीं, बीमा कंपनी गुटकर शाखा के सर्वेयर मुकुल चौहान ने बताया कि टैक्सी मालिक जितेंद्र कुमार के पास दुर्घटना वाले दिन संबंधित टैक्सी का परमिट नहीं था। वह बिना परमिट से कार को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे। जब वर्कशॉप में उनसे कागज मांगे गए तो वे अपना परमिट मौके पर पेश नहीं कर पाए, जिसके कारण कंपनी ने उनका क्लेम रद्द किया है। कहा कि कंपनी जांच कर रही है। उच्चाधिकारियों से जो निर्देश मिलेंगे, उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।