मंडी के बस स्टैड में 2017 का दृश्य जब बम रखने की अफवाह फैली थी। फाईल फोटो
मंडी। ‘छोटी काशी’ के नाम से मशहूर प्राचीन शहर मंडी में बुधवार को एक बार फिर बम से शहर को दहलाने की नाकाम कोशिश की गई। 21 दिसंबर 2017 को शहर के बस अड्डे पर बम की धमकी दी गई थी। मगर यह कॉल झूठ साबित हुई थी। अब आठ साल बाद फिर किसी शरारती तत्व ने उपायुक्त कार्यालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी, जिससे पूरे शहर में सनसनी फैल गई।
उपायुक्त के ई-मेल अकाउंट पर यह धमकी भेजी गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और कार्यालयों के कर्मचारियों को बाहर निकालकर परिसर को खाली करवा लिया। हालांकि, शुरुआत में इसे केवल मॉक ड्रिल का हिस्सा माना गया था, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, स्थिति स्पष्ट होती गई। इस बार भी धमकी झूठी साबित हुई, लेकिन शरारती तत्व शहर में सनसनी फैलाने में सफल रहे।
चार दिनों के अवकाश के बाद बुधवार को कई लोग कार्य के सिलसिले में उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन बम की धमकी के बाद सर्च ऑपरेशन के कारण उन्हें पूरे दिन धूप में इंतजार करना पड़ा। कामकाजी लोग और ग्रामीण क्षेत्र से आए व्यक्ति निराश होकर लौटने को मजबूर हो गए। लोगों ने कहा कि अगर पहले से सूचना दी जाती तो वे घर लौट जाते और इस तरह की परेशानी से बचते।
फोन पर पूछते रहे अपनों का हाल चाल
उपायुक्त कार्यालय के बम से उड़ाने की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, और शहर में काम करने वाले लोगों को उनके घरों से लगातार फोन आने लगे। रिश्तेदार और परिजन मोबाइल फोन के माध्यम से अपनों का हाल पूछते रहे। यह अफवाह पूरे शहर और प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गई।