सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने दिए भुगतान के आदेश
सेना मुख्यालय को तीन माह में ब्याज सहित पूरी बकाया राशि जारी करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
संधोल (मंडी)। सरकाघाट की 90 वर्षीय चिंती देवी को 15 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार न्याय मिल गया है। सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) की चंडीमंदिर स्थित क्षेत्रीय पीठ ने सेना मुख्यालय को आदेश दिया है कि उन्हें उनके दिवंगत पति की मृत्यु के बाद देय साधारण फैमिली पेंशन जारी की जाए तथा लंबित सभी राशि ब्याज सहित तीन माह के भीतर अदा की जाए।
मामले के अनुसार चिंती देवी के पति लालाराम भारतीय सेना में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद उन्हें फैमिली पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया। परिवार ने लंबे समय तक सेना मुख्यालय से पत्राचार किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद चिंती देवी ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान डोगरा रेजिमेंट रिकॉर्ड की ओर से ट्रिब्यूनल को बताया गया कि आवेदिका के नाम और जन्मतिथि में संशोधन से संबंधित पार्ट-2 आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिससे अब पेंशन जारी करने में कोई बाधा नहीं रह गई है। इस पर खंडपीठ ने निर्देश दिया कि चिंती देवी को देय तिथि से साधारण फैमिली पेंशन जारी की जाए तथा बकाया राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान तीन माह के भीतर किया जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं किया जाता है, तो बकाया राशि पर आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।