मंडी। सरकारी स्कूलों में इस बार छुट्टियों में नौंवी कक्षा के कमजोर छात्र-छात्राओं के लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाने का प्रावधान किया गया था। जिसमें नौंवी कक्षा के सी, डी और ई ग्रेड को छुट्टियों में 12 से 29 अगस्त तक कक्षाएं लगाने स्कूल आना था। लेकिन, छात्रों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर शिक्षा के स्तर में सुधार करने के प्रदेश सरकार के दावों की मंडी जिले में पोल खुली है। जिले में 170 वरिष्ठ माध्यमिक और उच्च स्कूलों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान नौंवी कक्षा के सी, डी और ई ग्रेड छात्रों की अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के लिए बजट जारी किया गया था। बावजूद इसके मंडी जिला के 50 फीसदी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं नहीं लगाई गई हैं।
इस बात का खुलासा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) को उपरोक्त स्कूल मुखिया द्वारा भेजी रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक अधिक स्कूलों में छात्रों ने अतिरिक्त कक्षाएं लगाने में कोई रुचि नहीं दिखाई। बाकायदा स्कूल मुखिया ने इन छात्रों के परिजनों से भी फोन के माध्यमों से संपर्क किया लेकिन प्रयास धरे के धरे रह गए। हालांकि जो छात्र-छात्राएं कक्षाएं लगाने आए भी, उनमें से भी अधिकतर छात्रों ने अंतिम दिनों में होने वाले टेस्ट नहीं दिए जिससे उसमें आए सुधार का पता चलना था।
आरएमएसए की यह थी योजना
राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (आरएमएसए) ने नौंवी कक्षा के सी डी और ई ग्रेड के छात्रों को गणित, साइंस और अंग्रेजी विषयों में सुधार लाने के लिए छुट्टियों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाने की योजना बनाई थी। छुट्टियां होने के कारण इन क्लासों को लगाने के लिए बाहर से शिक्षकों को तैनात किया था जो इन विषयों को पढ़ाने के पात्र थे। एक स्कूल के लिए लगभग 6000 रुपये का बजट था जो शिक्षकों को दिया जाना था। डाइट से स्कूलों को बजट तो जारी हो गया, लेकिन कई स्कूलों में कक्षाएं ही नहीं लगीं।
कोट्स
कमजोर छात्रों को सुबह-शाम पढ़ाने के दिए निर्देश
आरएमएसए की जिला परियोजना अधिकारी हेमंत शर्मा ने कहा कि सभी स्कूलों से छुट्टियों में नौंवी कक्षा की अतिरिक्त क्लासें लगाने की रिपोर्ट आई है। आधे से ज्यादा स्कूलों में कक्षाएं नहीं लग पाई हैं। लेकिन कई स्कूलों के छात्रों ने बड़ी रुचि दिखाई है। जिन स्कूलों में कक्षाएं नहीं लगी हैं, वहां के स्कूल मुखिया और शिक्षकों को आजकल सुबह-शाम के समय उन छात्रों की पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।