मंडी। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत नंबर-1 सरकाघाट चेक बाउंस मामले में आरोपी धर्म पाल को दोषी करार दिया है। सजा पर सुनवाई 22 नवंबर को होगी।
मामले के तथ्यों के अनुसार धर्म पाल निवासी गांव तनीहार ने उपभोक्ता ऋण सीडी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी से लिया था। इस ऋण की अदायगी के लिए उसने 1.60 लाख का चेक पंजाब नेशनल बैंक शाखा समीरपुर से जारी किया था। जब यह चेक सोसाइटी ने बैंक में प्रस्तुत किया तो अपर्याप्त धनराशि के कारण 25 अप्रैल 2022 को अस्वीकृत हो गया। इसके बाद सोसाइटी ने 4 मई 2022 को धर्म पाल को विधिक नोटिस भेजा परंतु निर्धारित समयावधि में उसने राशि का भुगतान नहीं किया। नतीजतन 4 जून 2022 को अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत शिकायत दर्ज की।
मामले की सुनवाई के दौरान सोसाइटी की ओर से शाखा प्रबंधक भरत भूषण ने गवाही दी। आरोपी ने अदालत में यह स्वीकार किया कि उसने सोसाइटी से लोन लिया था लेकिन दावा किया कि चेक सुरक्षा के लिए दिए गए थे। अदालत ने कहा कि सिक्योरिटी चेक का तर्क पर्याप्त नहीं है, यदि देयता बनी हुई हो। अदालत ने सभी तथ्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने सजा की सुनवाई के लिए अगली तारीख 22 नवंबर 2025 तय की है।