मेहनत कर परिवार पालता था मस्त राम, बेटे के हाथों ही खत्म हो गई जिंदगी
घटना के बाद चेली गांव में पसरा मातम, बिखर गया हस्ता खेलता परिवार
कुलदीप शर्मा
पधर (मंडी)। पधर के चेली गांव में वीरवार रात हुई खौफनाक वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मामूली कहासुनी ने एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। नशे में पिता की ओर से परिवार के साथ गाली-गलौज और बेटे के पलभर के गुस्से का खामियाजा पूरे परिवार को भुगतना पड़ा। घटना के बाद चेली गांव में मातम छा गया।
चेली गांव में जो हुआ, उसने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। जिस आंगन में परिवार के सदस्य रोजमर्रा की जिंदगी बिताते थे, वहीं मस्त राम (42) खून से लथपथ पड़े मिले। कुछ घंटों बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मस्त राम की जान किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कथित तौर पर पलभर के गुस्से में उनके 21 वर्षीय बेटे दीपक ने ले ली।
परिवार में मस्त राम की पत्नी शांति देवी, दो बेटे और बहू हैं। छोटा बेटा कृष्ण कुमार कुल्लू में निजी काम करता है और घटना के समय घर पर नहीं था। मस्त राम की मां शीला देवी अपनी पोती रवीना के साथ कुन्नू स्थित दूसरे घर में थीं।
वीरवार रात मस्त राम के घर कुछ मेहमान आए थे। खाना खाने के बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। इसके बाद घर में मस्त राम, उनकी पत्नी शांति देवी, बेटा दीपक और बहू रह गए। पुलिस जांच के अनुसार, मस्त राम नशे में थे और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज कर रहे थे। पत्नी और बेटे ने उन्हें सोने के लिए कहा लेकिन वह नहीं माने।
इसके बाद शांति देवी रसोई में सोने चली गईं, जबकि दीपक अपनी पत्नी के साथ कमरे में चला गया। मस्त राम आंगन में सो गए। इसी दौरान गाली-गलौज को लेकर पिता-पुत्र के बीच दोबारा कहासुनी हो गई। पुलिस के अनुसार, तैश में आए दीपक ने आंगन के एक कोने में रखा कृषि औजार ‘बैहलू’ उठाया और पिता के सिर पर वार कर दिया।
एक परिवार के लिए यह रात सिर्फ एक मौत की रात नहीं रही। पति की मौत से शांति देवी का सहारा छिन गया तो बेटे के जेल जाने से परिवार के सामने दूसरा बड़ा संकट खड़ा हो गया। मस्त राम की मां ने अपना बेटा खो दिया। वहीं, छोटा बेटा कृष्ण कुमार पिता की मौत और बड़े भाई की गिरफ्तारी के दोहरे सदमे से गुजर रहा है। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है।