आग की लपटों में गहने, नकदी और जरूरी दस्तावेज भी जले
साइड स्टोरी...
मोहन लाल
थाची (मंडी)। डमसेहड़ गांव में शुक्रवार देर रात लगी भीषण आग ने नैणु राम के परिवार की पूरी दुनिया ही उजाड़ दी। चंद घंटों में मकान राख के ढेर में बदल गया। आग के साथ परिवार की जीवनभर की मेहनत, जमा-पूंजी और भविष्य के सपने भी जल गए।
पीड़ित नैणु राम ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली और इतनी विकराल थी कि परिवार के सदस्यों को घर से सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। अपनी जान बचाकर बाहर निकलना ही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया। घर के भीतर रखे सोने के गहने, नकदी, कपड़े, जरूरी घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुएं आग की भेंट चढ़ गईं। जमीन-जायदाद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जलकर राख हो गए।
नैणु राम ने बताया कि जिस घर को उन्होंने वर्षों की मेहनत और अपनी जमा-पूंजी से बनाया था, उसे अपनी आंखों के सामने जलते देख वह स्तब्ध रह गए। वह कुछ कर पाते, इससे पहले ही आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। आग का भयावह मंजर देखकर उनकी पत्नी सदमे में बेहोश हो गईं।
एक रात में सब कुछ खो देने के बाद परिवार के सामने अब रहने और गुजर-बसर का संकट खड़ा हो गया है। नैणु राम का कहना है कि आज परिवार के पास तन पर पहने कपड़ों के अलावा लगभग कुछ भी नहीं बचा है। जिस आंगन में कभी परिवार की खुशियां बसती थीं, वहां अब राख और जले हुए सामान के अवशेष बचे हैं। पीड़ित परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अब सिर पर छत और नए सिरे से जिंदगी शुरू करने की है। जीवनभर की कमाई पलभर में राख होने के बाद परिवार गहरे सदमे में है और भविष्य को लेकर चिंतित है।