जोगिंद्रनगर (मंडी)। शहर के पुराने मेला मैदान में स्थापित गणेश प्रतिमा का विवाद के चलते आयोजकों ने चार दिन में ही विसर्जन कर दिया। आयोजक गणेश महोत्सव क ो लेकर लगाए डोम में प्रसाद के अलावा अन्य दुकानें लगाने की भी मंजूरी चाहते थे। लेकिन व्यापारियों के एतराज जताने के बाद प्रशासन ने चौबीस घंटे का नोटिस थमा दिया। इस पर नाराज आयोजकों ने चार दिन में ही सोमवार को गणेश उत्सव का समापन कर दिया।
आयोजकों ने गणपति की प्रतिमा का जोगिंद्रनगर की प्रसिद्ध धार्मिक स्थली मच्छयाल के पास बडौण में विसर्जन किया। इससे पहले रविवार शाम को वृंदावन के सुशील शुक्ला और धर्मशाला के संजय खान ने भजनों से गणपति का गुणगान किया। आयोजकों ने गणपति उत्सव के दौरान उन सभी लोगों का आभार भी जताया जिन्होंने कार्यक्रम में सहयोग किया।
आयोजक राजेश शर्मा और अजय बावा ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। वे इस पुण्य कार्य को पूरा नहीं कर पाने को लेकर भावुक भी दिखे। प्रशासन के माध्यम से दिए अल्टीमेटम से पहले ही आज आयोजकों ने सोमवार को सामान भी समेट लिया। पुराने मेला मैदान में गणपति उत्सव के आयोजन को लेकर विवाद तब शुरू हुआ था जब व्यापार मंडल ने धार्मिक कार्य में किसी भी व्यापारिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन के पास एतराज जताया था।
प्रशासन ने आयोजकों को दिए पहले अल्टीमेटम में कहा था कि गणपति आयोजन को लेकर किसी को कोई एतराज नहीं है। लेकिन महोत्सव में व्यापारीकरण की इजाजत नहीं मिलेगी। वहीं दूसरे अल्टीमेटम में प्रशासन ने 24 घंटे का समय दिया था। यह दोपहर को पूरा होने वाला था। लेकिन, इससे पहले ही आयोजकाें ने गणेश उत्सव का समापन कर दिया।
ऐसा उठा था महोत्सव पर विवाद
व्यापार मंडल के माध्यम से पारित प्रस्ताव में कहा था कि गणपति उत्सव को लेकर किसी को एतराज नहीं है। लेकिन यहां व्यापारिक गतिविधियां किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी। नगर पंचायत के 6 पार्षदों सहित उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने भी प्रशासन को भेजे पत्र में इस पर सवाल उठाए थे। प्रशासन से कार्यवाही का आग्रह किया था।