दिग्गजों को भी हरा चुके हैं मंडी के बाशिंदे
मंडी। प्रदेश की हॉट सीट मंडी संसदीय क्षेत्र के मतदाताओं ने वक्त के अनुसार दिग्गज नेताओं को समर्थन देकर संसद पहुंचाया, तो एक-एक बार चुनाव में हरा कर जनता की ताकत का एहसास भी करवाया है। कांग्रेस के दिग्गज नेता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुख राम तथा महेश्वर सिंह भाजपा टिकट से तीन-तीन बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। वहीं मतदाताओं का समर्थन न मिलने से उन्हें एक-बार हार का सामना भी करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 1971 में पहली बार मंडी सीट से लोक सभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वहीं 1977 के चुनाव में उन्हें हार मिली। भारतीय लोक दल से गंगा सिंह को इस चुनाव में विजय मिली। 1980 के लोस चुनाव में वीरभद्र सिंह ने दूसरी बार जीत हासिल कर भारतीय लोक दल के गंगा सिंह को पराजित किया। वर्ष 2009 के चुनाव में वीरभद्र ने जीत दर्ज कर लोकसभा पहुंचे और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कैबिनेट में स्थान पाया।
1984 के चुनाव में पूर्व मंत्री पंडित सुख राम ने मंडी सीट से चुनाव जीते। 1989 में भाजपा टिकट पर चुनाव लड़े महेश्वर सिंह से पंडित सुख राम हार गए। पंडित सुखराम ने 1991 में दूसरी बार चुनाव जीता और महेश्वर सिंह ने अपनी हार का बदला लिया। 1996 के चुनाव में सुखराम तीसरी बार चुनाव जीते। 1998 चुनाव में महेश्वर सिंह को विजयी मिली। वहीं कांग्रेस से प्रतिभा सिंह को हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 1999 के चुनाव में मंडी सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह ठाकुर को हार मिली। 2004 के चुनाव में तीन बार चुनाव जीतने वाले महेश्वर सिंह को पराजय मिली। वहीं कांग्रेस से प्रतिभा सिंह विजयी रही थी। वर्ष 2013 में हुए उप चुनाव में प्रतिभा सिंह ने दूसरी बार जीत हासिल कर संसद पहुंची। आगामी लोक सभा चुनाव के लिए कांग्रेस से प्रतिभा सिंह हैट्रिक लगाने के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं।