करसोग (मंडी)। करसोग बाजार में पेयजल किल्लत से जूझ रहे लोगों ने न्यायालय में जाने का मन बना लिया है। यहां पिछले लंबे समय से पेयजल की समस्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। करसोग के अलावा ममेल में पेयजल की विकट समस्या चल रही है, लेकिन लोगों के बार-बार आग्रह के बावजूद समस्या का निदान नहीं हो रहा है।
लोगों का कहना है कि हर घर के लिए दैनिक 70 लीटर पानी की सप्लाई होनी चाहिए, लेकिन यहां इतनी सप्लाई तो दूर की बात, कई घर ऐसे हैं, जहां पानी की सप्ताह तक एक-एक बूंद तक नहीं टपक रही है। लोगों का कहना है कि सोर्स एवं परियोजना से पेयजल की कमी नहीं है, लेकिन घराें तक पानी न पहुंच पाने का कारण विभागीय लापरवाही और पेयजल का सही वितरण न हो पाना है। स्थानीय काका, दीपू, रमेश, दुगी, कुलदीप, हरीश, रत्ना, शांति, बिमला, सीमा, कांता, संजना व रोशनी आदि का कहना है कि विभाग का पानी का वितरण सही नहीं है। इससे जो घर ऊंचाई पर हैं, वहां पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग ने सप्लाई चैकिंग एवं लोगाें के हस्ताक्षर लेने के लिए फीटर के पास नोटबुक थमा रखी है, लेकिन लोगों को पेयजल सप्लाई हो रही है या नहीं, इस पर कोई गौर नहीं हो रहा है। व्यापार मंडल करसोग के व्यापारियाें पीसी शर्मा, सोहन चौहान, दीना नाथ, जीत राम, ज्ञान चंद, पुष्पराज, संत राम, कमल सिंह व राजेंद्र सिंह आदि का कहना है कि पानी के वितरण के लिए वाटर कर्मी मेन पाईप में कंट्रोल व्हील लगाकर चैंबरी बनाई जाए, अन्यथा पानी की किल्लत में लोग स्वयं ही यह सब कर रहे हैं, जिससे स्थिति बद से बदत्तर हो गई है। लोगों ने चेताया है कि यदि जल्द समस्या का निदान नहीं हुआ तो वे विभाग के खिलाफ न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।
इधर, आईपीएच विभाग करसोग के अधिशासी अभियंता एमएस ठाकुर ने पेयजल समस्या के जल्द समाधान की बात कही है।