चैलचौक (मंडी)। पंचायतीराज मंत्री का अपना विकास खंड सराज स्वच्छता के मामलेे में पिछड़ गया है। यहां 45 पंचायतों में से महज 16 पंचायतें ही संपूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल कर पाई हैं। जबकि शेष 29 पंचायतें लक्ष्य से अभी भी कोसाें दूर हैं। इन पंचायतों में स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल करना अभी भी चुनौती बनी हुई है। स्वच्छता के प्रति यहां न तो पंचायत प्रतिनिधि और न ही लोग दिलचस्पी दिखा रहे हैं। अधिकतर पंचायतों के लोग संपूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को लेकर सजग नहीं हैं। यही वजह है कि वर्ष 2006 से जारी संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायताें को खुला शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य जून 2012 तक भी महज 16 पंचायतें ही पूरा कर सकी हैं। हालांकि पंचायतीराज मंत्री ने खुद इस विषय पर चिंता जताते हुए लोगाें से सहयोग की अपील की है। लेकिन 29 पंचायतों में से दूर दराज की कई पंचायतों में स्वच्छता के लक्ष्य को पूरा करने में कई बाधाएं हैं। इधर, खंड विकास अधिकारी हरी चंद का कहना है कि सभी पंचायतों को संपूर्ण स्वच्छता के दायरे में लाने के प्रयास तेज हैं। इस विषय में पंचायत प्रतिनिधियों को गंभीर होना पड़ेगा। उधर, पंचायतीराज मंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि 29 पंचायतों का स्वच्छ न हो पाना चिंता का विषय है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों तथा लोगाें से विकास खंड सराज को संपूर्ण स्वच्छ बनाने में पूर्ण सहयोग का आह्वान किया है।