बरोट (मंडी)। चौहारघाटी और साथ लगते छोटा भंगाल में बीते रोज ओलावृष्टि ने एक बार फिर कहर बरपाया। ओलावृष्टि से नकदी फसलों गंदम, जौ, सरसों को 60 से 80 फीसदी तक नुकसान हुआ है। बारिश तथा ओलावृष्टि से चौहारघाटी के बरोट, लपास, बरधान, तरस्वाण, लटराण, थल्टूखोड आदि पंचायतों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जबकि छोटा भंगाल के लुआई, कोठी, कोहढ, बड़ा गांव आदि पंचायतों में नकदी फसलों एवं सब्जियों पर ओलावृष्टि का कहर टूटा। तरस्वाण पंचायत प्रधान हीमा देवी, लटराण प्रधान भागमल, थल्टुखोड प्रधान रोशन लाल, उपप्रधान ओम प्रकाश, लपास पंचायत प्रधान मीना देवी ने इसकी पुष्टि की है। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि ओलावृष्टि तथा तेज अंधड़, बारिश से 60 से 80 फीसदी फसलें नष्ट हो गई हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के पधर दौरे पर किसानों तथा बागवानों ने मुख्यमंत्री से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है। लेकिन अभी तक टीमें नुकसान के अवलोकन को नहीं आई हैं। जबकि अब गिनी-चुनी बची फसल की कटाई का कार्य सिर पर है। इधर, किसानों चमेल, सीता राम, शेर सिंह, ज्ञान चंद का कहना है कि मौसम के कहर से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आलम यह है कि बैंकों से खाद एवं बीज के लिए ऋण की भरपाई करना भी मुश्किल है। छोटा भंगाल में लोग महामहिम देव पशाकोट के मंदिर जाकर मौसम साफ रहने की मन्नतें मांग रहे हैं। क्षेत्र के किसानों तथा बागवानों ने सरकार तथा प्रशासन से राजस्व विभाग की टीमें भेज नुकसान का आकलन कर मुआवजे की गुहार लगाई है।