उरला (मंडी)। उरला के समीप कसयाण मोड़ के पास सोमवार रात्रि को हुए कार हादसे में तीन घरों के चिराग बुझ गए। बिलासपुर निवासी साहिल कौशल का घटना के दिन जन्मदिन था। इसे सेलिब्रेट करने के लिए सूरज तीन दिन पहले बद्दी से बिलासपुर पहुंचा। फिर दोनों पांच तारीख को अपने पालमपुर निवासी दोस्त सिद्धार्थ को मिलने पालमपुर पहुंचे। जहां एक दिन दोस्त के पास ठहरने के बाद सोमवार को सभी दोस्त श्रृतिका को साथ लेकर जन्मदिन का केक काटने के लिए बिलासपुर जा रहे थे। उन्हें क्या मालूम की जन्मदिन की खुशियां उन्हें मौत के आगोश तक ले जाएंगी। सोमवार की अंधेरी शाम ने उनका सफर उरला के समीप ही खत्म कर दिया। घटना में घायल सिद्धार्थ जख्मी होकर अपने साथियों को तलाश रहा था, लेकिन उसकी आवाज किसी को भी सुनाई नहीं दे रही थी। हौसला करते हुए वह लड़खड़ाता हुआ सड़क तक पहुंचने में कामयाब हो गया और जिंदगी की जंग को जीत गया। जबकि आर-पार तीन शव बिखरी पडे़ थे। परिजनों के मुताबिक मृतक साहिल, सूरज और घायल सिद्धार्थ चितकारा युनिवर्सिटी चंडीगढ़ में अध्ययनरत थे। जबकि मृत श्रृतिका पालमपुर के डीएवी स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा थी। इस दुखद हादसे ने सभी के परिजनों को झकझोर कर रख दिया है।