सुंदरनगर/उरला (मंडी)। प्राथमिक सहायक अध्यापक संघ ने प्रदेश सरकार की ओर से मांगों पर गौर न करने पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। संघ के अध्यक्ष सुनील चौहान और महामंत्री कृष्ण ठाकु र ने कहा है कि सरकार को मांगों को अमलीजामा पहनाने के लिए 5 मई तक का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कार्रवाई न होने पर संघ ने 9 मई को शिमला स्थित प्रदेश सचिवालय पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।28 मार्च को प्रदेश के करीब 3500 प्राथमिक सहायक अध्यापकों के विधानसभा घेराव के दौरान मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों को अतिशीघ्र अनुबंध जेबीटी का वेतन देने की बात कही थी। परंतु एक महीने से अधिक समय बीत जाने पर सरकार की ओर से वेतन में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है। ज्यादातर अध्यापक उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उपरांत भी केवल मात्र 4500 रुपये और 6000 मेहनताने पर सेवा दे रहे हैं, जो उनके साथ भद्दा मजाक है। प्रदेश महामंत्री कृष्ण ठाकुर ने बताया कि इससे पहले वर्तमान प्रदेश सरकार ने प्राथमिक सहायक अध्यापकों के समकक्ष नीति पर रखे गए 1300 ग्रामीण विद्या उपासकों को छह वर्ष की सेवा के उपरांत अनुबंध जेबीटी का वेतनमान दिया था, परंतु प्राथमिक सहायक अध्यापक एक वर्ष के प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत भी केवल मात्र उसी वेतन पर जुटे हुए हैं। जेबीटी शिक्षकों के समान कार्य करने पर भी उन्हें इतना कम वेतन दिया जा रहा है जिसके कारण महंगाई के दौर में परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार 9 मई के इस धरने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाती है तो संघ क्रमिक अनशन तथा आमरण अनशन जैसा कदम उठाने से भी गुरेज नहीं करेगा। उधर, संघ के मंडी जिला अध्यक्ष मदन ठाकुर, कोषाध्यक्ष प्यार चंद, सचिव लाभ सिंह वर्मा, प्रेस सचिव सुनील कुमार, इंद्र सिंह, ज्योति प्रकाश, नीरज कुमार, शिक्षा खंड द्रंग प्रथम के प्रधान कर्म चंद, सचिव सतीश कुमार, राजेंद्रपाल, रवि ठाकुर, सोहन सिंह ने सभी सहायक अध्यापकों से आह्वान किया है कि 9 मई को सचिवालय घेराव में बढ़चढ़ कर भाग लें।