जिला परिषद चुनाव में 99 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
कई वार्डों में मुख्य मुकाबला दो-तीन प्रत्याशियों तक सिमटा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। जिला परिषद चुनाव में बड़ी संख्या में उम्मीदवार मतदाताओं का भरोसा जीतने में नाकाम रहे। 36 वार्डों में चुनाव लड़ने वाले 183 प्रत्याशियों में से 99 उम्मीदवार कुल वैध मतों का एक छठा हिस्सा भी हासिल नहीं कर सके, जिसके चलते उनकी जमानत जब्त हो गई। कई वार्डों में मुकाबला चुनिंदा प्रभावशाली प्रत्याशियों तक सिमट गया जबकि दर्जनों उम्मीदवार चुनावी दौड़ में प्रभाव छोड़ने में असफल रहे।
चुनाव परिणामों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि इस बार मतदाताओं ने अधिकांश वार्डों में चुनिंदा उम्मीदवारों पर ही भरोसा जताया। कई स्थानों पर मुकाबला दो या तीन प्रमुख प्रत्याशियों के बीच सिमटा रहा, जबकि बाकी उम्मीदवार निर्णायक समर्थन जुटाने में पीछे रह गए। इसका असर जमानत जब्ती के आंकड़ों में भी दिखाई दिया। भड्याड़ा वार्ड में 10 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से आठ की जमानत जब्त हो गई। कुफरी वार्ड में छह में से चार प्रत्याशी आवश्यक मत हासिल नहीं कर सके। बैहल वार्ड का परिणाम सबसे चौंकाने वाला रहा। यहां 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन कोई भी प्रत्याशी कुल वैध मतों का एक-छठा हिस्सा हासिल नहीं कर पाया। यहां तक कि विजेता संजय कुमार भी जमानत बचाने के लिए जरूरी मतों तक नहीं पहुंच सके। ऐसे में बैहल वार्ड के सभी 15 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
लोअर रिवालसर, डलाह, कटौला, बरयोगी, नवाही और अन्य कई वार्डों में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार जमानत बचाने में नाकाम रहे। इससे साफ है कि मतदाताओं ने बिखरे हुए विकल्पों के बजाय उन प्रत्याशियों को प्राथमिकता दी जिनकी क्षेत्र में सक्रियता, राजनीतिक पहचान या संगठनात्मक पकड़ मजबूत थी।