मंडी। मन में कुछ करने की चाहत हो तो कुछ भी मुश्किल नहीं है। यह बात मंडी के लूणापानी में पिता किशन सिंह गुलेरिया और माता उमा गुलेरिया के घर जन्मी लतेश ने साबित कर दी है। शादी के बाद अपने सात माह के बच्चे को ससुराल में छोड़ कर उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की और बाद में 2017 में मिसेज इंडिया हिमाचल प्रदेश प्रतियोगिता में भाग लिया और इसमें मिसेज इंटेलक्चुअल का खिताब हासिल किया। वह वर्तमान में एक सामाजिक संस्था चला रही हैं, जो महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सचेत करती हैं। साथ ही उन्होंने एक स्कूल भी खोला है, जहां जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रही हैं। इस स्कूल का संचालन महिलाएं ही कर रही हैं। लतेश का कहना है कि महिलाओं को शादी के बाद घर में बैठकर अपने हुनर को दबाना नहीं चाहिए बल्कि कुछ कर गुजरने की हिम्मत रखनी चाहिए। कामयाबी के लिए बस जरूरत है तो इच्छाशक्ति की। अगर इच्छाशक्ति है तो फिर मंजिल मुश्किल नहीं है।