धर्मपुर/सरकाघाट(मंडी)। उपमंडल धर्मपुर की एक पंचायत ने बीपीएल मुक्त होने का प्रस्ताव पारित करके करीब 150 परिवारों के साथ अन्याय किया है। इस बात का खुलासा आरटीआई के से हुआ है।
आरटीआई के अनुसार पंचायत के 150 से ज्यादा कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाना था। इनमें से 129 परिवार पहले में बीपीएल सूची में थे। 21 और परिवारों को शामिल करने के लिए ग्राम सभा गत 8 अप्रैल को बुलाई गई थी। लेकिन सूची की पुनर्समीक्षा के बजाय पंचायत ने अपनी ओर से पंचायत को बीपीएल मुक्त करने का प्रस्ताव पेश किया और उसे पारित करवा दिया। जबकि सरकार की तरफ से यह ग्राम सभा पुनर्समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
इसके लिए सर्वेक्षण भी करवाया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत ने गरीब परिवारों को इसमें शामिल नहीं किया और थे उनको भी शामिल होने से रोक दिया। इसके लिए 21 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें सुशीला, कर्म सिंह, विनोद कुमार, विजय, प्रीतम, संजय, राजेश, रत्न, संजय, रमेश, कौशल्या, सोमा, दिनेश, जीवन, बृजमोहन, संतोष, मोहन लाल, दिनेश कुमार, दीपक, ओमप्रकाश और मनीष कुमार शामिल थे। इस पंचायत में अनुसूचित जाति के 199 परिवार हैं।
इनमें से 20 बीपीएल सूची में थे, जिन्हें भी सूची से हटा दिया गया। इसके अलावा जिन 12 विधवाओं ने बीपीएल में शामिल के लिए आवेदन किया था उनको भी शामिल नहीं किया गया। इन लोगों ने एसडीएम धर्मपुर से इस बारे मांगपत्र देकर मांग की है कि पंचयात के प्रस्ताव को निरस्त किया जाए। पात्र परिवारों को बीपीएल में शामिल किया जाए।
बीडीओ करेंगे जांच
एसडीएम एचएस राणा ने बताया कि मामला उनके ध्यान में है। बीडीओ को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।