मंडी। निजी स्कूल के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। यदि प्रशासन, स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और एचआरटीसी प्रबंधन का समन्वय बेहतर और सकारात्मक रहा तो अभिभावकों को निजी टैक्सी व वैन संचालकों की मनमर्जी, असुरक्षित और महंगी दरों की यातायात व्यवस्था से छुटकारा मिलेगा। वहीं बच्चों के सुरक्षित सफर की भी कुछ हद तक गारंटी होगी। बुधवार को उपायुक्त सभागार में डीसी ऋग्वेद ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में निजी स्कूलों में निजी वैन और कैब संचालकों के भारी भरकम किराये में बढ़ोतरी और स्कूल प्रबंधन के गैर जिम्मेदाराना रवैये का मुद्दा खूब उछला। वहीं निजी स्कूल प्रबंधनों ने बैठक के दौरान बेहतर और सुरक्षित सुझाव देते हुए खलिहार के स्कूलों में सुबह और शाम स्कूल लगने और स्कूल की छुट्टी होने पर एचआरटीसी की बस सुविधा की मांग रखी ताकि, बच्चों का सफर सुरक्षित हो सके। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने इस मांग पर कहा कि प्रात: और सायं काल में पथ परिवहन निगम की बसें चलाने के लिए भी विचार किया जाएगा। स्कूल प्रबंधन व अभिभावकों से जल्द इस संदर्भ में चर्चा की जाएगी।
यह है मामला
नूरपुर में स्कूल बस हादसे में 24 बच्चों समेत 28 की मौत के बाद अमर उजाला ने मंडी में निजी स्कूलों में बदहाल यातायात व्यवस्था को उजागर किया था। जहां स्कूली बच्चों को ऑटो, निजी वैन और कैब में ठूंस ठूंस कर और सुरक्षा को दरकिनार करके स्कूल पहुंचाने के मामले सामने आए थे। इसके अलावा सरकार के निर्देशानुसार ऐसे वाहन संचालकों पर खूब शिकंजा कसा गया। जिसके बाद स्कूलों में लगे वाहन संचालकों ने मनमर्जी से 500 रुपया किराया एकमुश्त बढ़ा दिया।
यह सुविधा देंगे, इन रूटों की उठाई मांग : गुलेरिया
डीएवी सेेंटेनरी स्कूल के प्रधानाचार्य केएस गुलेरिया ने कहा कि वे स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए सजग है। इसके लिए परिवहन निगम को मट्ट-अस्पताल-सेरीपुल- खलिहार, तल्याहड़-जेल रोड-सेरी मंच- बस स्टैंड- खलिहार और सनयारड़ी-टारना-सेरी मंच से खलिहार बस चलाने की मांग उठाई है। इसे लेकर पत्र भी भेजा गया है। यदि इन रूटों पर मुद्रिका बसें दौड़ें तो अभिभावकों को राहत मिलेगी। जो चार्जेज रहेंगे वह स्कूल स्टूडेंट्स से वसूले जाएंगे। उन्होंने तीन रूटों पर सुबह स्कूल लगने और छूटने के समय बस सुविधा की मांग उठाई है।
निगम का तर्क : स्पेशल बसों में महंगा रहेगा सफर, सरकार को भेजेंगे मामला
आरएम मंडी विनोद कुमार का कहना है कि निजी स्कूलों को स्पेशल बसें दी जाएंगी। यह किराया प्रति स्टूडेंट 1500 से सौलह सौ तक बैठेगा। जहां तक सुबह शाम इन रूटों पर मुद्रिका चलाने की बात है तो वह सरकार और निगम के आला अफसरों पर निर्भर है। मामला सरकार और निगम के उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है। अगर निर्देश स्पेशल बस का होगा तो स्पेशल बस चलाएंगे अगर मुद्रिका के होंगे तो मुद्रिका चलाएंगे। स्पेशल बसें स्टूडेंट्स को महंगी पडे़ंगी।