जोगिंद्रनगर (मंडी)। लघु शिवरात्रि देव मेला जोगिंद्रनगर की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने पहाड़ी और फिल्मी गीतों से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। मुख्यातिथि न्यायाधीश जोगिंद्रनगर नेहा शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का आगाज किया। तीसरी सांस्कृतिक संध्या में लगभग 43 कलाकारों ने अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा। मुस्कान हिमाचली सिंगर ने दिल दियां गलां, हंगामा हो गया, लंडन ठुमकता और जुगनी गाने गाकर अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा। दीपक जनदेवा ने महाकाल के भजन से शुरुआत की तथा पहाड़ी गीत तू सुण तारा लाड़िए, ओ रीनू तेरी चिट्ठी पतरी आई न सहित नॉन स्टाप पहाड़ी नाटियां प्रस्तुत कीं। गीता भारद्वाज ने मंडी रीए बांकी छोरिये, कुंजा जाई पइयां पपरोल, हाय मेरीए धींगा धींगिए, संधली संधली नैन बिच तेरा नाम वे मुंडेया, तमा तमा दोगे और काला चश्मा तथा फिल्मी गीत झुमका गिरा रे और कजरारे कजरारे गीत गाए। नरेंद्र ठाकुर हिमाचली ने बेटी बचाओ पर बेटी अनमोल धन सा यारो, शाहुरा लाना तेरे ग्रां, बंगा चूटी ओ सरला बंगा चूटी, बोतला फूटी हाय रे नातिया, रोक भाभिये अपनी बहना रोक आदि नानस्टाप गाने गाए। तिलक साहिल ने दिल कह रहा है तुझ से यूं, रिश्ता जोड़ दूं, जिंदगी कुछ बता, बीड़ी बोला तुंगे री लाणी और ओ लाड़ी शांता गाने गाए। हरी म्यूजिकल ग्रुप मंडी के कलाकार हरदेव हरी ने तेरे जैसा यार कहां-कहां ऐसा याराना, लहरों की तरह यादें दिल से टकराती हैं आदि गीत गाए। अतुल राजटा कोटखाई ने भादरी जाईरे, लुभिए, चूड़ी रे न जंगले, ढाठू रूबी रा लाणा, देवा बोलूं नंदराडिया तथा टेंशन नहीं लेने का गीतों से लोगों का मनोरंजन किया।