नगवाईं (मंडी)। निर्माणाधीन मनाली फोरलेन में औट के उजड़ने के बाद अब प्रभावित हुए दुकानदार भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। रविवार को सुबह दुकानदारों ने रोष प्रकट करते हुए नारेबाजी की। प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जताया। भूख हड़ताल पर बैठे दुकानदार मुकेश और केके ठाकुर ने बताया कि उन्हें बिना नोटिस दिए ही दुकानों से निकाल दिया गया। अब हालात यह हैं कि उन्हें घर चलाने के लिए किसी के पास मजदूरी करनी होगी। दुकानदारों का कहना है कि वे इतने सालों से जब दुकानों का प्रशासन को किराया दे रहे थे तो वो अवैध कैसे हुए। कुछ दुकानदारों के तो इसके बाद हालात इतने खराब हो गए हैं कि वे अपने बच्चों की स्कूल की फीस नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन भी उनके बच्चों को स्कूल से निकालने की तैयारी कर रहा है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने दुकान चलाने के लिए बैंक से लोन लिया है तो अब उसे कैसे भरा जाएगा। यह भी समस्या बनी हुई है। प्रशासन को पहले ही देखना चाहिए था कि यह जगह अवैध है और यहां दुकानदारों को नहीं बसाया जाना चाहिए था। अब प्रशासन ने सभी दुकानदारों को उजाड़ दिया है लेकिन, उन्हें बसाने के बारे में अभी तक कोई प्रावधान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें दूसरी जगह बसाया नहीं जाता, तब तक वे भूख हड़ताल पर ही बैठे रहेंगे।