आधार कार्ड सुधारने के लिए सरकारी कैंप लगाने की उठाई मांग
सरकारी दफ्तरों में बढ़ी आम जनता की परेशानी, तीन पंचायतें और कॉलोनी सीधे प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। सरकार की ओर से प्रशासनिक एवं भौगोलिक स्तर पर किए गए बदलाव के कारण सलपड़ क्षेत्र के लोगों को दस्तावेजों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिना किसी पूर्व तैयारी के पिन कोड बदले जाने से हजारों ग्रामीणों का भविष्य और कई सरकारी कार्य प्रभावित होकर अधर में लटक गए हैं। इस स्थिति के चलते स्थानीय लोगों को मानसिक और व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों जगन्नाथ, गिरधारी लाल, केशव, सुरेश, सरोज और राधा उत्पल ने बताया कि इस क्षेत्र का पुराना पिन कोड 174403 था, जो वर्तमान में अधिकांश नागरिकों के आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेजों में दर्ज है। हाल ही में इसे बदलकर 175017 कर दिया गया, जिसके चलते 9000 से अधिक आबादी के वैध दस्तावेज तकनीकी रूप से असंगत हो गए हैं।
इसके परिणामस्वरूप बैंकिंग कार्यों, स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश, अस्पताल सेवाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारी पिन कोड सुधार के नाम पर उन्हें बार-बार टाल रहे हैं। इस व्यवस्था का सीधा प्रभाव सलपड़, ध्वाल, बटवाड़ा और सलापड़ कॉलोनी पंचायत क्षेत्रों पर पड़ा है। बड़ी आबादी होने के बावजूद लोगों को दूरदराज के आधार केंद्रों पर जाकर लंबी कतारों में समय बर्बाद करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र ही विशेष सरकारी शिविर (कैंप) लगाकर सभी नागरिकों के दस्तावेज और आधार कार्ड अपडेट करवाए जाएं।
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मामला ध्यान में आया है। प्रभावित आबादी की समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। -अमर नेगी, एसडीएम सुंदरनगर