जोगिंद्रनगर(मंडी)। आए दिन गंदगी के लिए मशहूर हो चुके जोगिंद्रनगर शहर में अब गंदगी का साम्राज्य पूरी तरह से फैल गया है। एनजीटी की बार-बार फटकार के बाद भी यहां की नगर परिषद शहर में गंदगी पर काबू पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। आलम यह है कि रविवार को शहर के 11 स्थानों पर गंदगी के बड़े-बड़े ढेर लगे रहे। दिनभर इन ढेरों को देखकर शहर के लोग परेशान दिखाई दिए। इसके चलते शहर की सुंदरता को पूरी तरह से ग्रहण लगा रहा। शहर के अति महत्वपूर्ण मार्गों पर कचरे के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के सार्वजनिक स्थानों में दिख रहे कचरे के ढेरों ने नगर परिषद के संपूर्ण स्वच्छता अभियान का दम निकाल दिया है। एसडीएम कार्यालय, मिनी सचिवालय, स्थानीय न्यायालय के मार्गों पर गंदगी के ढेरों ने शहर के लोगों के नाम में दम कर दिया है। शहर के लोगों ने में नप की आए दिन इस प्रकार की लापरवाही पर रोष जताते हुए कहा कि कचरे के ढेरों के चलते रोजाना दुर्गंध और मक्खी और मच्छरों भरा माहौल हो रहा है। गंदगी में मुंह मारते लावारिस मवेशी गंदगी भरा सामान लाकर सड़कों पर फेंक देते हैं, जिससे इन सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने कहा कि नगर परिषद के पास सफाई कर्मचारियों की फौज होने के बाद भी शहर में स्वच्छता बरकरार रखने में यह सफल नहीं हो पा रही है। उधर, नगर परिषद का इस बार में यही जवाब है कि राज्य स्तरीय मेले के दौरान व्यापारियों द्वारा खूब गंदगी फैलाई गई है जिसे ठिकाने लगाना अभी भी चुनौती बना हुआ है।
ईओ से करेंगे जवाब तलब: एसडीएम
एसडीएम अमित मैहरा ने कहा कि नगर परिषद को शहर में स्वच्छता बरकरार रखने के लिए उचित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अति महत्वपूर्ण मार्गों पर कचरे के ढेर दिखना शर्मनाक है। इस बाबत नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) से बात कर नगर परिषद को उचित दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
जन सहयोग नहीं मिलने से बढ़ी दिक्कतें: निर्मला
अध्यक्ष नगर परिषद निर्मला देवी ने कहा कि नगर परिषद को साफ सुथरा रखने के लिए नगर परिषद लगातार मेहनत कर रही है। लेकिन आम जनता का अधिक सहयोग न मिलने से सफाई करने में दिक्कतें आ रही हैं। मेला व्यापारियों के द्वारा भी गंदगी खूब फैलाई गई है, जिसे ठिकाने लगाने के लिए नगर परिषद के अनेकों सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं।