नेरचौक में सोना उगलने वाली जमीन हो रही बंजर
नालियों के जरिये खेतों तक पहुंच रही बाजार की गंदगी
लोग बोले-फसलों को भी पहुंच रहा भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूूरो
नेरचौक (मंडी)। मिनी पंजाब के नाम से विख्यात बल्ह घाटी के मुख्य बाजार नेरचौक में सोना उगलने वाली जमीन बंजर होती जा रही है। स्थानीय किसानों ने बताया कि नेरचौक बाजार से निकलने वाला गंदा पानी नालों और नालियों के माध्यम से उनकी उपजाऊ जमीन तक पहुंच रहा है। इस पानी में प्लास्टिक के लिफाफे, शीशे के टुकड़े, कागज, दवाइयों के वेस्ट सहित कई प्रकार की अन्य वेस्ट सामग्री खेतों तक पहुंच रही है। इससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है और जमीन बंजर होती जा रही है। किसानों देवीदास ठाकुर, देशराज ठाकुर, सत्या देवी, रेनू, सुनीता, राकेश, राजेश जितेंद्र आदि ने बताया कि पटवार खाने से आने वाला नाला और नेर प्राइमरी स्कूल से आने वाले नालो में इस मौसम में भी बहुत सारा गंदा पानी नेरचौक बाजार से खेतों तक पहुंच रहा है। इससे उनकी फसलों को नुकसान हो रहा है। पूरे शहर की गंदगी किसानों के खेतों में जमा होती जा रही है। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की आमदनी दोगुना करने पर बल दे रहे हैं वहीं, बल्ह के किसान अपनी मेहनत की कमाई अपने सामने डूबती हुई देख रहे हैं।
समस्या हल नहीं किया तो करेंगे आंदोलन
दोनों नालों से खेतों में पहुंच रही गंदगी से नेरचौक के ढांगू जबड़ और काटल क्षेत्र के किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं। किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इन नालों में शहर की नालियों से आने वाले पानी पर रोक लगाइ जाए और पानी को सड़कों के साथ ही चैनेलाइज किया जाए अन्यथा किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
किसानों की रजामंदी से करेंगे चैनेलाइजेशन : नेत्र सिंह
कृषि विशेषज्ञ नेत्र सिंह नायक ने बताया यदि किसानों की इस तरह की शिकायत है, तो कृषि विभाग अन्य विभागों से बात कर किसानों की रजामंदी से दोनों नालों का चैनेलाइजेशन करवा सकता है। उन्होंने कहा कि नेरचौक में अधिकांश नाले मलकीयत जमीन पर हैं तथा किसानों में रजामंदी नहीं हो पाती है। यदि किसान रजामंद हैं तो विभाग इस कार्य के लिए तैयार है।