मंडी। भारी बरसात की संभावना को देखते हुए मंडी प्रशासन अलर्ट हो गया है। आपदा से निपटने की तैयारियों तेज करते हुए डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने बुधवार को बैठक में बरसात के दिनों में तीन विशेष आपदा दल गठित करने के आदेश जारी किए हैं। प्रत्येक दल में आठ जवान चौबीस घंटे सेवाएं देंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा बलों की तैनाती बीस से पहले हो जाएगी। डीसी ने कहा कि आपदा दलों को सुंदरनगर, पंडोह तथा पधर में तैनात किया जा रहा है और संबंधित पुलिस थाना में यह उपस्थित रहेंगे। जहां से आवश्यकतानुसार इनकी सेवाएं ली जा सकती हैं। इन आपदा दलों को राहत और बचाव के अतिरिक्त अवरुद्ध मार्गों को खोलने और अन्य कार्यों का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। बरसात के दौरान भूस्खलन की आशंका अधिक रहती है। डीसी ने संवेदनशील स्थलों पर संवेदक लगाने के फरमान जारी किए हैं। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिए हैं। लोग आपातकालीन दूरभाष संख्या 1077 पर आपदा की सूचना प्रदान कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपदा की स्थिति में 01905-226201 तथा 202, 203, 204 और 223555 पर भी संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट रहने को कहा है। बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी राजीव कुमार, पुलिस उपाधीक्षक भूपेंद्र कंवर, आदेशक गृह रक्षा खेमसिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा जीवानंद आदि मौजूद रहे।
पंडोह, टकोली और कोटरोपी में लगेंगे संवेदक सेंसर
जिले में भूस्खलन के लिए संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थलों को चिह्नित किया गया है। डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन ने एक और पहल करते हुए भूस्खलन के लिए अति संवेदनशील पंडोह, टकोली तथा कोटरोपी क्षेत्र में विशेष संवेदक सेंसर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी से सहयोग लिया जा रहा है। दोनों चिह्नित क्षेत्रों में पांच-पांच संवेदक स्थापित किए जाएंगे जो भूस्खलन की पूर्व व सटीक सूचना प्रदान करने में सक्षम हैं।
मोबाइल में आएगा मैसेज, बजेगा सायरन
संवदेक लगने के बाद यदि भूस्खलन की संभावना होती है तो उस स्थान का मोबाइल पर संदेश एसएमएस, हूटर अथवा सायरन से दिया जाएगा। वहीं, ट्रैफिक लाइट से जुड़ने की भी सुविधा है। ऐसे में अधिक से अधिक स्थानों तक समय रहते सूचना प्रेषित कर संभावित नुकसान को कम किया जा सकेगा।