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बल्ह में 900 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती, विक्रय केंद्रों से बीज भी नसीब नहीं

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नेरचौक (मंडी)। उत्तरी भारत में टमाटर उत्पादकता में धाक जमाने वाली बल्ह वैली में अब युवा भी इस खेती के पेशे को अपना रहे हैं। गत वर्ष बंपर पैदावार होने से अब युवा वर्ग में टमाटर की खेती को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। इस वर्ष 900 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती की जा रही है। घाटी में नगदी फसलों की पैदावार सैकड़ों परिवारों की रोजी रोटी का साधन है। लेकिन, यहां पर उन्नत किस्म के बीज न मिलने से किसानों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। किसानों ने सरकार से विभाग के माध्यम से बीज मुहैया करवाने की मांग प्रदेश सरकार से की है।
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किसानों का कहना है कि कृषि विक्रय केंद्रों में बीज ही उपलब्ध नहीं होता है। 90 फीसदी किसान निजी दुकानों से बीज खरीदने को विवश हैं। ग्राम पंचायत राजगढ़ के टमाटर उत्पादक चमन लाल, नंदलाल सैनी, शिवराम, राजकुमार, गोपाल, ग्राम पंचायत खंदला के प्रवीण शर्मा, बालक राम सैनी, जीवन सैनी, ग्राम पंचायत नलसर के कैलाश सिंह ठाकुर, ग्राम पंचायत नागचला के राकेश ठाकुर, सूरज ठाकुर, इंद्र सिंह, कमल सकलानी, हितेश सकलानी और नप नेरचौक के ढांगू से राकेश ठाकुर, रिंकू और हैपी ने कहा है कि वे 10 से 20 बीघा जमीन पर टमाटर की खेती कर रहे हैं। इस वर्ष बंपर पैदावार होने की पूरी संभावना है। उन्होंने सरकार और स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी से गुहार लगाई है कि नगदी फसल उत्पादन जैसे टमाटर इनका समर्थन मूल्य सरकार जल्द से जल्द निर्धारित करे तथा टमाटर की फसल का बीमा करे ताकि, टमाटर उत्पादकों का भविष्य सुरक्षित हो तथा जो पढ़े लिखे युवा इस फसल के कारोबार में लगे हुए हैं वह इन कार्यों के लिए और ज्यादा प्रेरित हो सकें। कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ नेत्र सिंह नायक ने बताया कि इस वर्ष बल्ह घाटी में 700 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की पैदावार की जा रही है। जो पिछले वर्ष के मुकाबले 200 हेक्टेयर ज्यादा है।
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