बच्चों से भीख मंगवाने वालों पर होगी सख्ती : उपायुक्त
जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक में विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा
जिले में संचालित किए जा रहे पांच बाल गृहों में 325 बच्चों को दिया आश्रय
बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में किया जाएगा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी।
जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक का आयोजन उपायुक्त मदन चौहान की अध्यक्षता में शुक्रवार को किया गया। इस बैठक में समिति की विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिले में बाल संरक्षण कानूनों की अनुपालना सुनिश्चित की गई है और बाल अधिकारों के प्रति भी सभी को जागरूक किया जा रहा है। जिले में संचालित किए जा रहे पांच बाल गृहों में लगभग 325 बच्चों को आश्रय प्रदान किया गया है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के माध्यम से विभिन्न मामलों का निस्तारण समयबद्ध ढंग से किया जा रहा है। बाल अधिकारों और कानूनों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से नौ शिविर लगाए गए, जिनके माध्यम से दो हजार से अधिक प्रतिभागियों को लाभान्वित किया गया। इसके अतिरिक्त 12 प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर 631 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों और पोक्सो जैसे कानून के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से समिति के माध्यम से जिला के स्कूलों में सम्भाषण के अतिरिक्त लघु फिल्म कोमल का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इस एनिमेशन फिल्म के माध्यम से बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को इस बारे में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। बच्चों को भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर करने वाले तत्वों पर सख्त निगाह रखी जा रही है। इसके अतिरिक्त बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूरों के नाबालिग बच्चों का पूर्ण ब्योरा रखा जा रहा है, ताकि कोई इसकी आड़ में बाल मजदूरी इत्यादि बच्चों से न करवा सके। अवांछित शिशुओं के संरक्षण के लिए क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में शिशु पालन केंद्र स्थापित किया गया है जहां पर कोई भी इस तरह के अवांछित शिशुओं को रख सकता है और समिति के माध्यम से उन्हें शिशु देखभाल केंद्रों के सुपुर्द किया जाता है। इस पहल का उद्देश्य जन्म लेते ही अवांछित शिशुओं को निर्जन स्थानों में छोड़ देने वाले तत्वों पर रोक लगाना तथा अमूल्य मानव जीवन की सुरक्षा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जिला अस्पताल के अतिरिक्त नागरिक अस्पताल करसोग, सुंदरनगर, सरकाघाट तथा जोगिंद्रनगर में भी इस तरह के शिशु पालना केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल देखभाल डा. अनुराधा शर्मा, उप निदेशक शिक्षा प्रारंभिक केडी शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी समीर, जिला पंचायत अधिकारी गिरीश समरा, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल संरक्षण अंजू बाला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।