मंडी। प्रदेश पुलिस भर्ती में सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण नहीं मिल पाया है। इससे युवाओं में भारी रोष है। सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण देने के बाद यह प्रथम भर्ती है। इसमें हिमाचल पुलिस में 1063 कांस्टेबल भर्ती हुए हैं। ऐसे में सरकार की नई व्यवस्था लागू करने के निर्देशों के बाद भी सामान्य वर्ग को पुलिस भर्ती में आरक्षण नहीं मिल पाया है। बेरोजगार युवाओं ने पुलिस भर्ती में दस प्रतिशत आरक्षण देने की मांग उठाई है। युवाओं का कहना है कि बजट सत्र के दौरान सीएम जयराम ठाकुर ने खुद एलान किया था कि नई भर्तियों में नई आरक्षण व्यवस्था लागू होगी। सरकार ने पुलिस मुख्यालय को पुुरानी प्रक्रिया के तहत भर्ती करवाने को मंजूरी दे दी।
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सरकार को भुगतना होगा खामियाजा
बेरोजगार युवाओं में प्रवीण कुमार, उमेश ठाकुर, मनदीप, दिनेश कुमार, भूपेंद्र ठाकुर, यादव राम, टेक सिंह, केहर सिंह, ओम प्रकाश, जावे राम, नरोतम सिंह, गुलजारी राम, पुनीत ठाकुर यशवंत शर्मा, दिले राम, हेम सिंह, हिम्मत सिंह, देवेंद्र शर्मा, भीम सैन, कमल सिंह और सुनाली शर्मा, काजल चौहान, आरजू ठाकुर, विमला देवी, यमुना देवी, हेमलता, भीमा देवी, गंगा, याचना, ज्योति शर्मा ने दस फीसदी सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की मांग उठाई है। सामान्य वर्ग को पुलिस भर्ती में दस प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया तो लोस चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
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आचार संहिता के चलते लागू नहीं हुआ आरक्षण : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि आचार संहिता लगने के कारण सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण प्रदेश में लागू नहीं हो पाया है। आचार संहिता खत्म होते ही, जो भी नई भर्तियां प्रदेश में होंगी, उनमें सामान्य वर्ग को दस प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
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