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03 अप्रैल को विधानसभा घेरने को तैयार धर्मपुर के किसान

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धर्मपुर/सरकाघाट (मंडी)। हिमाचल किसान सभा धर्मपुर खंड कमेटी की बैठक में 3 अप्रैल को विधानसभा में प्रस्तावित धरना प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधान रणताज राणा ने कहा कि राज्यस्तरीय प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया जाएगा। प्रत्येक वार्ड से दस दस लोगों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया। बैठक में कहा गया कि किसानों की समस्याएं जस की तस हैं। कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में मांगों के समाधान के लिए कोई संतोषजनक कार्य नहीं किया है। वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चल रही है। पहले बजट में अधिकांश मांगें दरकिनार हुई हैं। बैठक में भूपेंद्र सिंह, मोहन लाल, मिलाप चंदेल, हुक्म शर्मा, विधि चंद, कर्म सिंह, बाला राम, प्रकाश ठाकुर, जगदीश ठाकुर, बलदेव ठाकुर, श्रवण सिंह, करतार सिंह, धर्मचंद पठानिया, रामचंद, रूपलाल चौहान, बलदेव सिंह, अमर सिंह, मेहर सिंह, सूरत सकलानी, शंभू सकलानी, पृथी सिंह, कृष्ण देव, टेक सिंह, हजारी लाल, जगत सिंह, परमानंद भाटिया, रूपलाल बिष्ट, टोडरमल, रूप चंद, सुरेंद्र पाल, रमेल चंद, नत्थू राम, राकेश कुमार, राजेंद्र सिंह, कश्मीर सिंह, तारा चंद, कश्मीर सिंह आदि ने भाग लिया।
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इन समस्याओं को गिनाया
किसान सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि बंदरों के अलावा सूअर और लावारिस पशुओं की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। लावारिस पशुओं के कहर के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। नतीजतन पारंपरिक खेतीबाड़ी से किसान पलायन करने लगे हैं।

यह उठाई मांगें
किसान सभा ने पशुओं को दूसरे राज्यों में ले जाने वाली रोक तुरंत हटाने की मांग उठाई। गरीब किसानों को पांच बीघा जमीन देने और उनके कब्जे वाली भूमि उनके नाम नियमित करने की भी मांग सरकार से की जाएगी। मांग उठाई कि बंदरों को मारने के लिए अभियान चलाया जाए और उसके लिए विशेष टास्क फोर्स तैनात की जाए। बंदरों के निर्यात पर लगी रोक हटाई जाए। जो किसान स्वयं बंदरों को मारने के लिए तैयार हैं, उन्हें आसान शर्तों और सस्ती दरों पर बंदूकें और गोला बारूद दिया जाए। इसके अलावा बंदरों की ओर से किए जा रहे नुकसान का मुआवजा दिया जाए और फसल रखवाली का कार्य मनरेगा में शामिल किए जाने की मांग उठाई।
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