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बड़ादेव हुरंग नारायण से फिर होगी बारिश की गुहार

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- फोटो : अमर उजाला
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पधर (मंडी)। चौहारघाटी के बड़ादेव हुरंग नारायण ने लोगों से बारिश होने का अपना वायदा तो पूरा कर दिया है लेकिन, किसान इसे अपर्याप्त मानते हुए असंतुष्ट हैं। आने वाले दो दिनों के भीतर देव हुरंग नारायण पुंदल गांव में पहुंचेंगे। जहां देव समाज से जुड़े लोग और क्षेत्र के किसान दोबारा देव हुरंग नारायण के समक्ष बारिश बरसाने की गुहार लगाएंगे। भगवती का मूल मंदिर और वर्षा देने का सरोवर फूटाखल के जंगल में है। लिहाजा पुंदल गांव में पहुंचने के बाद देव हुरंग नारायण के रथ के समक्ष देव समाज की ओर से हारका प्रथा को अंजाम दिया जाएगा। मान्यता के मुताबिक वर्षा की देवी देव हुरंग नारायण के रथ के साथ रहती हैं। ऐसे में लोगों को पूरी आस्था है कि देव हुरंग नारायण पर्याप्त बारिश की गुहार को अवश्य सुनेंगे। यहां गांव में हारका प्रथा की रस्म को मुख्य पुजारी ईश्वर दास की अगुवाई में बड़ागूर राजू और परमेश्वरी के गूर भाग चंद निभाएंगे।
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पांच वर्ष के बाद क्षेत्र के हार दौरे पर निकले देव हुरंग नारायण ने सबसे पहले देव पशोट के साथ हुए मिलन वेला पर बारिश होने के शुभ संकेत दिए थे। डेढ़ महीना पूर्व माकूल वर्षा होने पर जहां किसानों ने गेहूं, आलू की फसल की बिजाई की। वहीं नगदी फसलों के उत्पादन को मौसम की पहली वर्षा को लाभकारी माना। डेढ़ महीने से भयंकर सूखा चला है। ऐसे में किसान हार भ्रमण पर निकले देव हुरंग नारायण से लगातार वर्षा की मांग कर रहे थे। गवाहन गांव में चमारका जातर मेले के बाद हारका प्रथा और बाद में देव हुरंग नारायण के उत्पत्ति स्थल गवाहन गांव में जातर मेले के बाद हुए हारका में देव हुरंग नारायण ने बारिश के स्पष्ट संकेत हार के लोगों को दिए। देव हुरंग नारायण के कड़ुओं, देवता से वर्षा की गुहार करने वाले विशेष कारदार ने भी इस दौरान बारिश की विशेष गुहार देव रथ के समक्ष लगाई। देव हुरंग नारायण ने अपने मंदिर लौटने से पहले वर्षा होने के शुभ संकेत दिए थे। भले ही देव हुरंग नारायण ने जनता से किए अपने वायदे को पूरा कर दिया मगर अपर्याप्त बारिश होने से किसान अभी भी संतुष्ट नहीं है। देव हुरंग नारायण इन दिनों उपमंडल मुख्यालय पधर के आसपास के गांवों में भ्रमण पर हैं।
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