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लडभड़ोल सीएचसी को अब तक नहीं मिले डाक्टर

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लडभड़ोल (मंडी)। आजादी के 70 साल बीत जाने पर भी लडभड़ोल तहसील के लोग अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार चाहे किसी भी दल की रही हो, लेकिन इस तहसील के हिस्से में केवल झूठे वायदों का झुनझुना ही आया है। स्थानीय पीएचसी में सरकार ने सीएचसी का बोर्ड तो लगा दिया है, लेकिन अभी तक यहां स्वास्थ्य केंद्र जितनी सुविधाएं ही मिल रही हैं। यहां के लोग दोनों पार्टियों के झूठे वायदों से परेशान हैं। .
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पिछले पांच सालों से नेता आश्वासन ही दे रहे हैं कि शीघ्र ही यहां 7 डाक्टरों के पद भरे जाएंगे, लेकिन एक साल से यहां कोई भी डॉक्टर नहीं है। विकास के बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता भी तमाशबीन बन कर देख रहे हैं। लोगों को छोटी-छोटी बीमारी का इलाज करवाने के लिए भी बैजनाथ या मंडी की तरफ भागना पड़ता है। तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं, लेकिन न तो पक्ष और न ही विपक्ष में आज तक इस समस्या का समाधान करवाने की जहमत उठाई है। करीब बीस हजार की आबादी इस सीएचसी पर निर्भर है। हालांकि, सरकार ने सीएचसी के लिए आलीशान भवन बनवाया है, लेकिन बिना डॉक्टरों के सब कुछ बेकार है। यहां के जनक सिंह, बुधि सिंह, पान सिंह, सत्यागर सिंह, व अन्य लोगों का कहना है कि सरकार को इस सीएचसी की शीघ्र सुध लेनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भी इस क्षेत्र को लावारिस छोड़ दिया था। दो तीन बार उनके आने का प्रोग्राम स्थगित होने से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। यदि सीएम यहां आते तो क्षेत्र की समस्या हल हो सकती थी। सत्ता पक्ष के कुछ नेता लोगों का पेट आश्वासनों से भरते रहे। स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के बावजूद यहां पर एक भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई। इस बारे में सीएमओ मंडी डॉक्टर देशराज शर्मा ने कहा कि मामला स्वास्थ्य निदेशक के ध्यान में लाया गया है। लडभड़ोल को शीघ्र ही एक डॉक्टर मिल जाएगा।
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