स्यांज पंचायत के तीन गांवों में डायरिया फैलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में जाकर 60 से अधिक लोगों को उपचार दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में फैले डायरिया की बीमारी पर नियंत्रण का दावा किया है।
स्यांज पंचायत ने डायरिया फैलने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी। इसके बाद महकमे की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर डायरिया पीड़ित मरीजों का उपचार किया।
सोमवार को सिविल अस्पताल गोहर में करीब एक दर्जन मरीजों का उपचार किया गया। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने करीब 5 दर्जन मरीजों के घर में उपचार किया है। स्यांज पंचायत में डायरिया फैलने से लोगों में हड़कंप है। पेयजल योजनाओं का पानी दूषित होना बीमारी फैलने का प्रमुख कारण माना जा रहा है। गंदा पानी गांवों में कहां से आया इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और आईपीएच विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
बीएमओ बगस्याड़ डॉ. केआर शर्मा ने डायरिया फैलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि तीनों गांवों में विभाग ने मेडिकल टीमें भेज दी हैं और मरीजों का उपचार जारी है। उन्होंने बताया कि विभाग स्यांज पंचायत में डायरिया से प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर रहा है और स्थिति नियंत्रण में हैं।
स्यांज पंचायत प्रधान भामा देवी ने बताया कि डायरिया की स्थिति नियंत्रण में है। आईपीएच और स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर दिया गया है।
सिविल अस्पताल गोहर के डॉ. ललित गौतम ने बताया कि फनिपरा, पिहणी और तरौण गांव जाकर 63 केस डायरिया के मिले हैं। उन्होंने बताया कि आधा दर्जन केस अस्पताल में उपचार के बाद घर भेज दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्यांज पंचायत के तीन गांवों में डायरिया फैला है और मरीजों को दवाइयां दी गई हैं। स्थिति अब नियंत्रण में है।