सुंदरनगर (मंडी)। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सुंदरनगर में आगामी सत्र से आचार्य की कक्षाएं आरंभ कर दी जाएंगी। यह बात शिक्षा, विधि तथा संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कॉलेज के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा का उत्थान हमारी प्राथमिकता में शामिल है। संस्कृत विश्व की प्राचीन भाषा है, जिसके पुन: उत्थान के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न भागों में बोली जाने वाली स्थानीय भाषाओं में भी संस्कृत के शब्द शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक प्राचीन देश है तथा यहां शिक्षा का महत्व पूर्व समय से रहा है। प्राचीन समय में गुरुकुल की व्यवस्था थी जहां जाकर विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे। उन्होंने लोगों से संस्कृत के उत्थान के लिए अपना योगदान देने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि वार्षिक समारोह किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए महत्वपूर्ण दिन होता है, जब विद्यार्थियों को उनकी मेहनत के अनुसार पुरस्कार प्राप्त होते हैं। जो विद्यार्थी पुरस्कार प्राप्त नहीं कर पाते उन्हें भी और मेहनत करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कालेज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। इस मौके पर विधायक राकेश जम्वाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी तथा कहा कि जो विद्यार्थी इस बार पुरस्कार प्राप्त नहीं कर सके वह मेहनत के साथ शिक्षण तथा अन्य गतिविधियों में अपने कौशल का प्रदर्शन करें। जिससे उन्हें आने वाले समय में इनाम प्राप्त हो सके। सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। जिसके प्रोत्साहन के लिए मुख्यातिथि सुरेश भारद्वाज ने 51 हजार की राशि देने की भी घोषणा की। इस अवसर पर प्राचार्य सोनम डोलमा ने सालाना रिपोर्ट भी पेश की। समारोह में पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर, नगर परिषद अध्यक्ष पूनम शर्मा व पार्षद संजय शास्त्री और पीटीए प्रधान राज कुमार सहित अनेक गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।