मंडी। अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मंदिर अब प्रदेश का कर्ज उतारेगा। चौंकिये मत वर्ष 1919 में जन्मे सीएम जयराम ठाकुर के गृहक्षेत्र के एक बुजुर्ग मोती राम ने बापू के मंदिर निर्माण के लिए सरकार से बजट जारी करने की मांग रखी है। बुजुर्ग ने तर्क दिया है कि वह आजादी के आंदोलनों में बापू के साथ भाग ले चुके हैं। मंदिर निर्माण के लिए बुजुर्ग ने अपनी मलकीयत भूमि दान देने की पेशकश रखी है। मंदिर निर्माण के पीछे उन्होंने तर्क दिया है कि यदि सरकार राष्ट्रपिता के मंदिर का निर्माण करवाती है तो हिमाचल का कर्ज उतर जाएगा और प्रदेश खुशहाल बनेगा। बुजुर्ग का दावा है कि स्वप्न में उन्हें माता मनसा माई बुड़ों देवी ने यह आदेश दिए हैं। जिसपर बुजुर्ग ने उपायुक्त मंडी को जमीन दान देने के लिखित में पेशकश रख कर संबंधित विभाग के अधिकारियों को मंदिर निर्माण का आदेश देने की मांग की है। वहीं, डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बुजुर्ग के मांगपत्र को सरकार को प्रेषित कर दिया है। उपायुक्त ने तर्क दिया है कि वह मंदिर निर्माण के लिए बजट जारी नहीं कर सकते हैं। यह सरकार स्तर का मामला है।
100 वर्ष की उम्र में बापू की किताबें पढ़ते हैं बुजुर्ग
बुजुर्ग मोती राम के बेटे खेमराज ने कहा कि उनके पिता इतिहास और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की किताबें इस उम्र में भी पढ़ते हैं। वह कई आजादी के आंदोलनों में भी भाग ले चुके हैं। वह हमेशा अहिंसा के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं। वह उन्हीं को अपना आदर्श मानते हैं और कहते है कि देश की आजादी के लिए वह विभाजन से पहले लाहौर में उनके साथ आंदोलनों में भाग ले चुके हैं।
सरकार को भेजी बुजुर्ग की मांग : डीसी
उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि बुजुर्ग मोती राम ने उनके समक्ष भूमि दान कर बजट देने की मांग रखी है। लेकिन, मंदिर निर्माण के लिए बजट स्वीकृत करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। बुजुर्ग की मांग को सरकार को प्रेषित कर दिया है।