मंडी। प्रदेश शिक्षा विभाग ने सूबे के अप्रशिक्षित शिक्षकों को अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी करने के लिए अंतिम मौका दिया है। शिक्षा विभाग ने वर्ष 2010 के बाद नियमित हुए विद्या उपासकों व ग्रामीण विद्या उपासकों को भी एनआईओएस के माध्यम से डीएलएड कोर्स करना अनिवार्य किया है। कर्मचारियों को सात नवंबर तक कोर्स करने के लिए एनआईओएस के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाना होगा।
विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि वर्ष 2010 के बाद विशेष प्रमाण पत्र देने के बाद नियमित हुए विद्या उपासक और ग्रामीण उपासक नियमित हुए हैं उन्हें भी पोर्टल में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इसके अलावा सरकारी और निजी स्कूलों में वर्ष 23 अगस्त 2010 से नियुक्त शास्त्री, भाषा अध्यापकों को, पंजाबी और उर्दू शिक्षकों को भी एनसीटीई ने अप्रशिक्षित शिक्षकों की श्रेणी में शामिल किया है। इसके अलावा उक्त वर्ग के शिक्षक पहली से सात नवंबर तक एनआईओएस पोर्टल में जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
छह माह का ब्रिज कोर्स भी होगा अनिवार्य
प्रदेश के विभिन्न सरकारी, निजी और सरकार से सहायता प्राप्त स्कूलों में बीएड धारक शिक्षक जो 3 सितंबर 2001 से पहली से 5वीं कक्षा तक पढ़ा रहे हैं, उन्हें भी छह महीने का पीडीपीईटी (ब्रिज कोर्स) करना अनिवार्य है।
सात नवंबर तक पंजीकरण करें : केडी शर्मा
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा का कहना है कि विद्या उपासकों, ग्रामीण उपासकों व वर्ष 2010 के बाद नियुक्त शास्त्री और भाषा अध्यापकों को 7 नवंबर तक डीएलएड कोर्स को लेकर एनआईओएस पोर्टल में जाकर अपना पंजीकरण करवाएं। उन्होंने बताया कि उक्त कोर्स के लिए पंजीकरण करवाने के लिए कोई मौका नहीं दिया जाएगा।