मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के सभागार में मंगलवार को विश्व पशुजन्य रोग दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र शर्मा ने की। डॉ. देवेंद्र शर्मा ने कहा कि मनुष्य और पशुओं का साथ अनंतकाल से रहा है। पशुओं के बिना मनुष्य का जीवन संभव नहीं है।
दोनों एक दूसरे के संपर्क में रहने से मनुष्य में रोग के कीटाणु फैलने से एक बिलियन मामले और लाखों मौतें होती हैं। 60 प्रतिशत बीमारियां केवल पशुओं से आती हैं क्योंकि मनुष्य पशुओं से दूध, मांस, कपड़ा, परिवहन या देख भाल के रूप में इनका प्रयोग करता है।
मुख्य बीमारियों में कोरोना, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, इबोला, निपाह, मुंह और खुर की बीमारी, गलघोटू, खून एवं पेशाब से फैलने वाले रोग, जुएं, पिस्सू आदि से भी बीमारियां पैदा होती है। कोरोना काल में जिन लोगों ने पालतू जानवरों को पाला है उन्हें डर लग रहा था कि वे यदि बीमार होंगे तो उनकी देखभाल कौन करेगा। इसके चलते लोगों ने पालतू जानवरों को सड़कों पर खुला छोड़ दिया था।
कुत्ते के काटने से हर साल करीब 50 हजार मौतों में से 20 हजार मौतें भारत में होती हैं। उन्होंने जानवरों से होने वाली बीमारियों और उनकी रोकथाम, उपचार के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर पशुपालन विभाग के डॉ. घनश्याम भोपाल ने सभी से अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने और पशुओं को संतुलित चारा, हवादार एवं खुला आवास, साफ पानी और उनके टहलने के लिए स्थान और समय पर उनका टीकाकरण करने बारे जानकारी साझा की।
इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्म सिंह वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अरिंदम रॉय, पल्लवी शर्मा, डॉ. तमन्ना, स्वास्थ्य शिक्षक सोहन लाल सहित वन विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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