मरीज बिना इलाज घर लौटने को मजबूर
जोनल अस्पताल में गायनी विशेषज्ञों के छुट्टी जाने से परेशानी
चार में से दो अवकाश पर, मरीजों की लग रहीं कतारें
अशोक ठाकुर
मंडी। जोनल अस्पताल मंडी में गायनी ओपीडी में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रदेश सरकार के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। यहां पर दो दिन तक चक्कर काटने के बावजूद मरीज डॉक्टर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि अस्पताल में गायनी विशेषज्ञों की कमी है। चार गायनी विशेषज्ञ अस्पताल में तैनात होने के बावजूद दो दिन बाद भी लोग लाइनों में लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि जब एक अथवा दो डॉक्टर अवकाश पर चले जाते हैं तो यहां पर महिलाओं को बिना इलाज के ही घर लौटना पड़ता है। समय 12:25 बजे। स्थान जोनल अस्पताल मंडी का गायनी वार्ड। ओपीडी के बाहर मरीजों की खासी भीड़ है। गेट से अंदर घुसने के लिए मरीजों के तीमारदार जद्दोजहद कर रहे हैं। ड्यूटी पर तैनात कर्मी अभी तक पर्ची के नंबर एंट्री कर रहे हैं। अभी तक विभिन्न श्रेणियों में सौ से अधिक पर्चियां एंट्री हो चुकी हैं। लेकिन, चेकअप करवा चुके मरीजों की जरनल श्रेणी में संख्या महज 24 तक पहुंची है। कुछ तीमारदार ऐसे हैं जो अपने मरीजों को लेकर लगातार दूसरे दिन अस्पताल पहुंचे। यह परिजन गेट से एंट्री को लेकर कर्मियों से उलझ रहे हैं। लगातार पर्ची पर नंबर तो डाले जा रहे हैं लेकिन, अब लंच का समय हो गया है। इसके चलते अधिकतर मरीजों के हाथ में दवाइयों की जगह पर्चियां ही हैं।
दो दिन से कर रहे बारी का इंतजार : रमेश
कोटली के रमेश कुमार ने कहा कि वह पिछले दो दिन से पत्नी को लेकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। लेकिन, अभी तक उन्हें उपचार नहीं मिला है। उन्हें कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। आज भी 48वां नंबर मिला है। शायद डॉक्टर तक पहुंच पाएंगे अथवा नहीं।
बारी के इंतजार में बीत गया दिन : गुलाब
जोगिंद्रनगर के गुलाब ने कहा कि वह अपनी पत्नी रीता देवी को बुधवार सुबह उपचार के लिए लाए थे। सुबह छह बजे घर से चले हैं। पर्ची बनाने के बाद उन्हें 147वां नंबर दिया गया था, लेकिन लंच टाइम होने को है और ऐसा नहीं लग रहा है कि आज नंबर आएगा।
पता नहीं आज नंबर आएगा कि नहीं : गोदावरी
मंडी शहर से सटे सध्याणा की बुजुर्ग महिला गोदावरी का कहना है कि कि वह अपनी बहू दिनेशा को उपचार के लिए लाईं है। पर्ची बनाने के बाद उन्हें 84वां नंबर मिला है। दोपहर बीत गई है, लेकिन अभी तक उनकी बारी नहीं आई है। शाम तक आएगी, इसका कोई पता नहीं है।
निराश होकर लौटने को मजबूर : सुंदरलाल
राजगढ़ के सुंदर लाल ने कहा कि वह अपनी पत्नी पूजा देवी को उपचार के लिए अस्पताल लाए हैं। सुंदरनगर में उचित सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें चेकअप के लिए मंडी आना पड़ रहा है। लेकिन, लाइनों में ही खड़े होकर पूरा दिन बीत जाता है, जिससे उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।