अमर उजाला ब्यूरो, मंडी। सूबे के हजारों सीएंडवी शिक्षकों ने डीएलएड कोर्स की शर्त को हटाने की मांग को मैनिफेस्टों में रखने वाले दल को समर्थन देने का निर्णय लिया है। सीएंडवी अध्यापक संघ प्रदेश सरकार से पहले भी कई बार डीएलएड कोर्स की अनिवार्यता को हटाने की मांग कर चुका है। अब चुनावों के नजदीक आते ही शिक्षकों ने इस मांग को घोषणा पत्र में डालने वाले दल को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इस सिलसिले में सीएंडवी अध्यापक संघ जिला मंडी की बैठक अराजपत्रित कर्मचारी भवन मंडी में आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधान प्रहलाद चंद ने की। जिसमें सभी खंडों के पदाधिकारियों सहित प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे।
बैठक में 3 सितंबर 2001 से 10 अगस्त 2017 तक नियुक्त सभी सीएंडवी अध्यापकों को अप्रशिक्षित करार देकर 2 वर्ष का डीएलडी कोर्स अनिवार्य करने का पुरजोर विरोध जताया गया। प्रदेशाध्यक्ष चमन लाल शर्मा ने कहा कि अप्रशिक्षित शब्द से प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा है। सरकार ने खुद अपने ही विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में पहले और दूसरे नंबर के दावे करती है तो क्या प्रदेश सरकार ने अप्रशिक्षित अध्यापक रखे हैं। अगर आने वाले विस चुनावों में राजनीतिक पार्टी डीएलएड के मुद्दे को अपने विजन दस्तावेजों में अथवा मैनिफेस्टों में रखेगी तो प्रदेश के 18 हजार शिक्षक उसका पुरजोर समर्थन करेंगे। बैठक में गुरदेव सैनी, केशव सैनी, अमर सिंह, प्रेम राज, जिला उपप्रधान नरेश कुमार बल्ह के प्रधान राकेश कुमार, धर्मपुर से प्रम राज, बालक राम, सुंदरनगर से रूप लाल, द्रंग से रमेश शर्मा, राज कुमार, नंद लाल, चमन लाल, सुरेश कुमार और गोपाल मौजूद रहे।