अमर उजाला ब्यूरो
बालीचौकी/गोहर/जंजैहली/थुनाग(मंडी)। जिले में भारी बर्फबारी के बाद मौसम बेशक साफ हो गया हो लेकिन अभी तक जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है। कई सड़कें बंद पड़ी हैं। वहीं, सराज घाटी के कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो पाई है। ग्रामीण तीन दिन से अंधेरो में सर्द रातें गुजारने के लिए विवश हैं। हालांकि, बिजली बहाल करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। वहीं, घाटी में भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के चलते पेयजल पाइप जाम हो गए हैं। ग्रामीण पैदल चलकर दूर बावड़ियों से पानी ढोने को मजबूर हैं। इसके चलते उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही लोगों को रोजमर्रा की वस्तुएं भी नहीं मिल पा रही हैं। उधर, बर्फबारी से एचआरटीसी की बसें कई सड़कों पर नहीं दोड़ पाई हैं, वहीं निगम की कुछ बसें अभी भी बर्फ में फंसी हुई हैं। लोनिवि के अधिशासी अभियंता का कहना है कि बर्फबारी से बंद पड़े मार्गों को जल्द दुरुस्त किया जाएगा।
कई क्षेत्रों में बिजली गुल
बालीचौकी, गाड़ागुशैणी, थाटा, थुनाग, जंजैहली सहित अन्य क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था ठप पड़ी है। उधर, बालीचौकी की सहायक अभियंता शुमाली शर्मा का कहना है कि बिजली बहाल करने के लिए कर्मचारियों को संबंधित क्षेत्रों में भेज दिया गया है। ज्यादा मात्रा में बर्फ होने से दिक्कतें पेश आ रहीं है।
भारी बर्फबारी और तेज हवाओं से टूटे पेड़
सराज के अधिकांश इलाकों में भारी बर्फबारी और तेज हवाओं से सेब और प्लम के पौधों को भी नुकसान पहुुंचा है। बागबानों राम दास, किशोर चंद, योग राज, केहर सिंह, भीम सेन, संतोष कुमार, खेम सिंह, होम दत्त, यादव राम, सोम देव, हेत राम आदि का कहना है प्लम और सेब के पौधे और अन्य फसलें भी तेज हवाओं से प्रभावित हो गए।
कई रूटों पर नहीं चलीं निगम की बसें
जिले की कई सड़कों पर निगम की बसें नहीं चली हैं। यातायात ठप रहने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। भारी बर्फबारी के चलते कुछ क्षेत्रों में निगम की बसें अभी भी फंसी हुई हैं। उधर, आरएम गोपाल शर्मा का कहना है कि सड़कें बंद होने से बसों को रूटों पर नहीं भेजा गया है।