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डाक कर्मचारी हड़ताल पर दिनभर उपभोक्ता रहे परेशान मंडी प्रधान डाकघरों सहित जिलाभर की

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डाक कर्मियों की हड़ताल से उपभोक्ता हुए
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बेहाल, कई बिना काम करवाए बैरंग लौटे
लाइव पैकेज
डाक घरों में चंद मिनट के काम के लिए घंटों कतार में लगकर करना पड़ा इंतजार
ग्रामीण उप डाकघरों में चरमराईं सेवाएं, प्रधान डाकघर में महज दो काउंटर पर ही मिले कर्मी
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। केंद्र और राज्य सरकारों की कर्मचारी फेडरेशनों और ट्रेड यूनियनों की हड़ताल से बैंकिंग सेवाओं में कम असर देखने को मिला, लेकिन डाक सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित दिखीं। बुधवार सुबह से ही डाक घरों में कामकाज लगभग ठप रहा।
डाकघरों में पेंशन, चिट्ठी, पत्री, आरडी, सेविंग, पासबुक एंट्री, केवीपी, एनएससी, पीपीएफ, रजिस्ट्री से संबंधित काम करवाने पहुंचे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंडी प्रधान डाकघर में मात्र दो काउंटरों पर ही काम चला, जबकि अधिकतर काउंटर खाली ही रहे। नतीजतन चंद मिनटों के काम के लिए लोगों को घंटों कतारों में खड़े होना पड़ा। कहीं-कहीं तो दूर दूरदराज से आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। आलम यह रहा कि हड़ताल के कारण जिला के डाकघरों सहित कई शाखाओं में नाममात्र कर्मचारी ही काउंटरों पर दिखे। हड़ताल का ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक असर देखने को मिला। क्योंकि अधिकतर उप डाकघर बंद रहे।
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लाइव: सुबह दस बजे तक लटके रहे ताले
मंडी शहर में सुबह 10 बजे मंगवाईं, जेल रोड, पड्डल, पुरानी मंडी और जवाहर नगर में उप डाकघरों पर ताले लगे हुए थे। इस पर उपभोक्ताओं ने प्रधान डाकघर की ओर रुख किया। करीब 11 बजे प्रधान डाकघर के अंदर मात्र दो काउंटर पर ही कर्मचारी सेवाएं दे रहे थे। यहां पर भी अधिकतर काउंटरों पर कोई भी कर्मचारी नहीं था। उपभोक्ता खाली काउंटर देखकर परेशान होकर लौट रहे थे, वहीं जिन काउंटरों पर काम हो रहा था, वहां पर उपभोक्ताओं की लंबी लाइनें लगी हुई थी। इसमें युवाओं की संख्या अधिक थी। वहीं, पेंशन के कार्य के लिए आए बुजुुर्गों को भी लाइन में लगकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। बालीचौकी से आए युवाओं निशू और नीटू ने बताया कि वे सुबह से जीवन बीमा से संबंधित कार्य करवाने के लिए आए हैं, लेकिन डाकघर में बहुत कम कर्मचारी होने के कारण के काफी देर से लाइन में लगे हुए हैं। वहीं, तल्याहड़ की रीता रानी ने कहा कि वह किसी कार्य से संबंधित यहां रजिस्ट्री के लिए आई थी, लेकिन लंबी लाइन देखकर वह वापस लौट आई। उधर, पड्डल की ममता ठाकुर ने कहा कि उसे फार्म की रजिस्ट्री के लिए लंबी देर तक इंतजार करना पड़ा।
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काम निपटाने की पूरी कोशिश
उधर, एसएसपी आरके चौधरी ने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, लेकिन शाखाओं में काम पूरी तरह से ठप नहीं रहा। ऐसे में कुछ कर्मचारियों ने काम निपटाने की पूरी कोशिश की है।

ये हैं डाक और बैंक कर्मियों की मुख्य मांगें
-विभाग में ठेकेदारी प्रथा पूरी तरह से समाप्त
- पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए
- महीने के प्रत्येक शनिवार को छुट्टी दी जाए
- खाली पड़े पदों को पहल के आधार पर भरा जाए
- पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों की भर्ती नहीं करना
- पुराने लोन की रिकवरी के लिए कर्मचारियों पर दबाव
- पब्लिक सेक्टर बैंकों की मजबूती के लिए कोई कदम नहीं उठाना
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