अमर उजाला ब्यूरो
सुंदरनगर (मंडी)। दुर्गम ग्राम पंचायत के हाड़ा बोई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। इसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां स्टाफ की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। हालत यह है कि पीएचसी में चिकित्सक सहित अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ भी नहीं है। यहां पर व्यवस्था चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हवाले है। मरीजों को बुखार, खांसी आदि की दवा चतुुर्थ श्रेणी कर्मचारी दे रहा है। लिहाजा, प्रदेश में नई सरकार ने सत्ता तो संभाल ली है लेकिन व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सरकार ने खोल तो दिया, लेकिन यहां पर चिकित्सक और स्टॉफ उपलब्ध नहीं करवाया। इससे बीमारी की हालत में स्थानीय लोगों को सुंदरनगर, सुन्नी और करसोग जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यहां पर करीब एक साल से चिकित्सक का पद खाली पड़ा है। चिकित्सक के तबादले के कुछ दिनों बाद ही यहां से फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों का भी अन्य स्थान पर तबादला कर दिया गया। इसके बाद यहां पर किसी को भी भेजा नहीं गया है। इस पीएचसी पर दो हजार लोग निर्भर हैं।
सर्दी-जुकाम की दवा देता है चतुर्थ कर्मचारी
स्थानीय निवासी कृष्ण कुमार, परस राम, गोबिंद राम, अजय कुमार आदि ने बताया सर्द मौसम में आजकल मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन जब उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं तो वहां पर कोई भी चिकित्सक या फार्मासिस्ट न होने से उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ रहा है। केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा किसी के दर्शन नहीं होते है, जो कभी-कभार अपने विवेक के अनुसार लोगों को छोटी-मोटी बीमारी की दवा दे देता है।
लोगों ने मांगा स्टाफ
लोगों का कहना है कि सरकार बदलने के साथ ही उन्हें व्यवस्था बदलने की आस जगी थी, लेकिन अब तक कुछ भी बदलता नहीं दिख रहा है। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पिछड़े क्षेत्र में स्थित इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जल्द चिकित्सक समेत अन्य स्टॉफ की तैनाती करने की मांग की है।
डेपुटेशन पर भेजा जा रहा चिकित्सक
खंड स्वास्थ्य अधिकारी रोहांडा डॉ. अविनाश पंवर ने बताया कि मामला विभाग के संज्ञान में आया है। शीघ्र ही चिकित्सक भेजने के बारे में आश्वस्त किया गया है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे केंद्र से समय-समय पर डेपुटेशन पर चिकित्सक को भेजा जा रहा है।