कुंडूनी गांव में इस मानसून सीजन में हुए भूस्खलन से गिरे पत्थर व मलबा। स्त्रोत- जागरूक पाठक
सितंबर 2025 के भूस्खलन के बाद भी पुनर्वास अधूरा, हर बारिश के साथ बढ़ रही चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। सितंबर 2025 के भूस्खलन से प्रभावित नेर घरवासड़ा पंचायत के कुंडूनी गांव के 38 परिवारों ने पुनर्वास और सुरक्षा कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। गुरुवार को प्रभावित परिवार पटवार सर्किल कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। पंचायत प्रधान रामचंद्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में राहत, पुनर्वास और स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग उठाई गई। प्रभावितों का कहना है कि एक वर्ष बाद भी स्थायी सुरक्षा कार्य पूरे नहीं हुए हैं। लगातार बारिश के दौरान मलबा और पानी रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच रहा है, जिससे लोग दहशत में रह रहे हैं। समिति के अध्यक्ष गुलाब सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्वास के लिए अभी तक मांग के अनुरूप राहत राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि केवल जुलाई में ही पांच से अधिक बार मलबा और कीचड़ गांव तक पहुंचा, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि रेड जोन में 38 मकान खतरे की जद में हैं, जबकि प्रशासन केवल आठ से दस मकानों को ही जोखिमग्रस्त मान रहा है।
तहसीलदार जोगिंद्रनगर रजत सेठी ने कहा कि पिछले मानसून में प्रभावित परिवारों को प्रशासन और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दी गई थी। इस मानसून में सामने आ रही समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।