बालीचौकी (मंडी)। बालीचौकी तहसील के चलौट गांव में बुधवार दोपहर बाद आग की एक घटना में तीन परिवारों के घास भंडार गृह पूरी तरह से राख हो गए। लकड़ी से बने एक मंदिर को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। आग की यह घटना जिस दौरान घटी उस समय गांव के सभी लोग अपने अपने खेतों में मटर की बिजाई में व्यस्त थे। अचानक गांव में धुआं दिखने से अफरातफरी फैल गई और लोगों ने गांव के रिहायशी घर बचाने के लिए अभियान चला दिया। लोगों की सूझबूझ के चलते साथ लगते घरों को तो बचा लिया गया लेकिन इस दौरान महेंद्र सिंह, खेवाराम और केशवराम पुत्र टहल के घास भंडार गृह पूरी तरह से आग की चपेट के आ गए। इस दौरान गांव में निर्मित किए गए देव जहल का मंदिर भी आंशिक रूप से आग की चपेट में आ गया। मंदिर के निर्माण में प्रयुक्त की गई लकड़ी भी आग की भेंट चढ़ गई। हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शाम तक राजस्व विभाग का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंच पाया था। चलौट गांव तहसील मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर है। उधर, तहसीलदार बालीचौकी हीरा चंद ने आग की घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग के कर्मचारियों को मौका करने के निर्देश दे दिए गए हैं। नुकसान का आकलन पटवारी की मौका रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
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