अमर उजाला ब्यूरो
मंडी/बालीचौकी/जंजैहली। मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र सहित जिले की 69 सड़कें अभी तक बंद हैं। जबकि, अब तक बिजली बोर्ड के 235 ट्रांसफार्मर ठप हैं। इसके चलते दर्जनों पंचायतों में बर्फबारी के चार दिन बाद भी अंधेरा पसरा है। वहीं, दर्जनों गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बंद है। बर्फबारी से जिले की कुल 154 सड़कों में से अब तक 85 सड़कें ही यातायात के लिए बहाल हो पाई हैं, जबकि 69 सड़कें अभी तक बंद हैं। इनमें से सराज क्षेत्र के थुनाग की 44 सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से अभी तक 29 सड़कों पर यातायात बहाल हो पाया है। 15 सड़कें अभी तक बहाल नहीं हो पाई हैैं। इसके चलते लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। बर्फबारी के चलते कई रूटों पर बसें नहीं चल रहीं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर तो रोजमर्रा की चीजें भी नहीं पहुंच पा रही हैं। उधर, सराज के तुलसी दास, रमेश चंद, इंद्र देव, प्रेम सिंह, पूर्ण चंद, लुद्रमणी, मणी देवी, भागी देवी, बोधी देवी, होम प्रकाश, योग राज, केहर सिंह सहित क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार से गुहार लगाई है कि क्षेत्र में बिजली और सड़कों को जल्द दुरुस्त किया जाए।
जिला में बिजली बोर्ड के 235 ट्रांस्फार्मर बंद
बर्फबारी से उपमंडल गोहर के कुल 165 ट्रांसफार्मर बंद थे, जिनमें से अभी तक 108 ट्रांसफार्मर दुरुस्त हो पाए हैं। 67 ट्रांसफार्मरों को बहाल का कार्य जारी है। इसी प्रकार थुनाग, जंजैहली, शिल्लीबागी व बगस्याड़ के 215 ट्रांसफार्मर बंद थे। इनमें से अभी तक 159 को दुरुस्त कर दिया गया है तथा शेष 56 ट्रांसफार्मर बहाली का कार्य जारी है। बालीचौकी क्षेत्र में 100 में 68 ट्रांसफार्मर ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उपमंडल पधर में 114 ट्रांसफार्मर बंद थे, जिनमें से 85 दुरुस्त कर दिए गए हैं और 19 ट्रांसफार्मर बहाल करने का कार्य जारी है। बरोट को जाने वाली 33 केवी लाइन को भी दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति देर सायंकाल तक सुचारु कर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त उपमंडल करसोग में कुल 373 में से 322 ट्रांसफार्मर ठीक कर दिए हैं और 51 ट्रांसफार्मर बहाली का कार्य जारी है। सुंदरनगर में भी 64 में से 54 ट्रांसफार्मर दुरुस्त कर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
पानी को तरस गए इन गांवों के लोग
सराज के बुंग, डीडर, खलबाण, गाड़ागुशैणी आदि गांवों में पेयजल के पाइप जाम होने के कारण पेयजल सप्लाई पूरी तरह से बंद हो गई है। यहां के लोगों को पानी के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कई लोग बर्फ को पिघलाकर पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं। उधर, प्राकृतिक जल स्रोत भी बर्फ से बंद हो गए हैं।
जनजीवन सामान्य करने को प्रयास जारी: डीसी
उधर, उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि मंडी जिला के बर्फबारी प्रभावित ऊपरी क्षेत्रों में आम जनजीवन सामान्य करने के लिए प्रशासन और विभाग दिन रात कार्य कर रहा है। यातायात, विद्युत व्यवस्था बहाल करने के साथ ही अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है।