मंडी। शहर के मुख्य चौराहों में राहगीरों की सुरक्षा राम भरोसे है। सड़कों पर जेबरा क्रॉसिंग की सुविधा नहीं है। इससे सड़क पार करते समय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्गों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। रोजाना बुजुर्ग, बच्चे सहित अन्य सैैकड़ों लोग जान जोखिम में डाल कर सड़क पार कर रहे हैं। बावजूद इसके प्रशासन ने आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है। हालांकि, जिला प्रशासन ने कुछ चौराहों पर जेबरा क्रॉसिंग कर रखी थी, लेकिन वह पूरी तरह मिट चुकी है। शहर के मुख्य स्थानों महामृत्युंजय मंदिर चौक, सेरी मंच चौक, चौहटा, अस्पताल, बस स्टैंड कहीं भी जेबरा क्रॉसिंग की सुविधा नही है। लिहाजा, लोगों ने प्रशासन से राहगीरों की सुरक्षा के लिए जेबरा क्रॉसिंग की सुविधा मुहैया करवाने की मांग की है।
क्या कहते हैं शहर के वरिष्ठ नागरिक
पूर्व व्यापार मंडल के प्रधान अशोक कपूर का कहना है कि जेबरा क्रॉसिंग न होने से सेरी मंच के पास हादसों का भय बना रहता है। कई हादसे हो भी चुके हैं। प्रशासन को लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिक प्रीतम सिंह का कहना है कि जेबरा क्रॉसिंग न होने से कभी भी यहां दुर्घटना हो सकती है और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सेवानिवृत्त तहसीलदार टीआर बंसल का कहना है कि बुजुर्ग, बच्चों समेत अन्य सैकड़ों लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर सड़क पार करते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर श्याम सिंह का कहना है कि सड़क पार करने के लिए जेबरा क्रॉसिंग का होना बहुत जरूरी है लेकिन शहर में तो जेबरा क्रॉसिंग के नामोनिशान मिट गए हैं, जिसके चलते सड़क पार करने के लिए काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
ऊहल की टेस्टिंग के चलते हो रही देरी : डीसी
उपायुक्त मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि ऊहल पेयजल परियोजना की टेस्टिंग के चलते मुख्य सड़कों पर टारिंग नहीं हो रही है। राहगीरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन संजीदा है। टारिंग के बाद ही सड़कों पर जेबरा क्रॉसिंग की सुविधा दी जानी है। जल्द लोगों की मांग पूरी होगी।