मंडी। जिले में बारिश का कहर जारी है। जिला के तीन मुख्य एनएच मंगलवार को एक से डेढ़ घंटे तक बाधित रहे। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे तथा मंडी-पठानकोट एनएच पर मंगलवार को डेढ़ घंटे तक पहिये थमे रहे। वहीं, मंडी से कुल्लू के लिए एनएच 21 के अलावा वैकल्पिक मार्ग मंडी-बजौरा वाया कुल्लू भी नांडली के समीप भूस्खलन के चलते छह घंटे तक बाधित रहा। वहीं, जाहू-मंडी सुपर हाईवे सोमवार शाम से लगातार बाधित हैं। यहां पर विभाग की चार जेसीबी लगाई गई है, लेकिन सड़क अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। यहां पर पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया है। यहां पर लगातार मलबा गिर रहा है।
जानकारी के अनुसार मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे सुबह आठ बजे के करीब दवाड़ा के पास चट्टानें गिरने से बाधित हो गया। जिससे एनएच पर एक घंटे तक वाहनों के पहिये थम गए। नौ बजे के करीब यहां पर यातायात बहाल किया जा सका। एनएच 21 पर लगातार चट्टानें गिरने का सिलसिला जारी है। उधर, राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडी-पठानकोट पर नारला हनुमानघाट के समीप मंगलवार सुबह ल्हासे के साथ विशाल चट्टान सड़क पर गिरने से हाईवे लगभग डेढ़ घंटा बंद रहा। भारी बारिश के बीच हनुमानघाट की साथ लगती पहाड़ी से भूस्खलन लगातार जारी रहा। साइट इंजीनियर भगत राम हाईवे को बहाल करने स्पॉट पर पहुंच गए थे। विभागीय जेसीबी मशीन से करीब साढ़े नौ बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही को बहाल कर दिया गया। नारला गांव में ब्यास सत्संग भवन के समीप ल्हासा गिरने से भवन खतरे की जद में आ गया है। ब्यास सत्संग सेवादार मोहन सिंह ने बताया कि पिछली बरसात में भी यहां भारी नुकसान हुआ है। स्लाइडिंग जोन चिन्हित होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग ने यहां ब्रस्टवॉल लगाना उचित नहीं समझा। फिर यहां नुकसान यहां हो रहा है। उधर, जाहू-मंडी सुपर हाईवे पर मस्याणी मोड़ पर दरकी पहाड़ी को मलबा हटाने में विभागीय कर्मी जुटे हैं। लेकिन, लगातार पहाड़ी के दरकने से यहां पर मलबा बढ़ता जा रहा है। यहां से ठीक नीचे एक गांव बसा है। जिस कारण विभाग ब्लास्टिंग से सड़क बहाल करने से कतरा रहा है। उधर, मंडी-बजौरा वाया कटौला मार्ग पर भी यातायात नांडली के समीप भू-स्खलन से पांच बजे बाधित हो गया। जिसे 11 बजे बहाल किया जा सका। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सुनील महेंद्रु ने कहा कि दो जेसीबी लगा कर यातायात के लिए मार्ग को बहाल कर दिया गया है।